काशी ने धारण किया ‘रुद्राक्ष’, जापानी प्रधानमंत्री ने दी बधाई, जानें किसने दिया आइडिया

जापान और भारत के दोस्ती का प्रतीक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सम्मेलन केंद्र 'रुद्राक्ष' के उद्घाटन पर जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने दी बधाई

वाराणसी: वाराणसी (Varanasi) में जापान और भारत के दोस्ती का प्रतीक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सम्मेलन केंद्र ‘रुद्राक्ष’ (Rudraksh) का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने उद्घाटन किया है। जिसके बाद जापान (Japan) के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा (Yoshihide Suga) ने बधाई दी और बोले इस शहर का जापान के साथ घनिष्ठ संबंध है।

 

‘रुद्राक्ष’ के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भारत के परममित्र जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा और भारत में जापान के राजदूत सुजुकी सातोषी को बहुत धन्यवाद करता हूं। प्रधानमंत्री योशीहिदे उस समय चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी थे। तब से लेकर पीएम की भूमिका तक, लगातार वो इस प्रोजेक्ट में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे हैं।

उन्होंने कहा ‘रुद्राक्ष’ में आधुनिक चमक और सांस्कृतिक आभा है। यह परियोजना भारत-जापान संबंधों और भविष्य के अवसरों की संभावनाओं को दर्शाती है। आज दोनों देशों के प्रयासों से विकास और द्विपक्षीय संबंधों पर एक नया अध्याय लिखा गया है।

रुद्राक्ष का आइडिया

PM मोदी ने बताया कि जापान के ही मेरे एक और मित्र- शिंजो आबे। मुझे याद है, शिंजों आबे जब प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे, तो रुद्राक्ष के आइडिया पर उनसे मेरी चर्चा हुई थी उन्होंने तुरंत ही अपने अधिकारियों से इस आइडिया पर काम करने को कहा। भारत और जापान की सोच है कि हमारा विकास हमारे उल्लास के साथ जुड़ा होना चाहिए। ये विकास सर्वमुखी होना चाहिए, सबके लिए होना चाहिए और सबको जोड़ने वाला होना चाहिए।

उन्होंने कहा काशी (Kashi) में विकास की नदी बह रही है। काशी का प्राचीन वैभव अब अपने आधुनिक रूप में विद्यमान है। यह कभी रुकता या थकता नहीं है। कोविड के दौरान जब देश रुका तो काशी संतुलित और अनुशासित रहा, लेकिन विकास का प्रवाह जारी रहा।

पीएम मोदी ने कहा कोरोना काल में जब दुनिया ठहर सी गई, तब काशी संयमित तो हुई, अनुशासित भी हुई, लेकिन सृजन और विकास की धारा अविरल बहती रही। काशी के विकास के ये आयाम, ये ‘इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर- रुद्राक्ष’ आज इसी रचनात्मकता का इसी गतिशीलता का परिणाम है।

काशी का श्रृंगार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा काशी तो साक्षात् शिव ही है जब पिछले 7 सालों में इतनी सारी विकास परियोजनाओं से काशी का श्रृंगार हो रहा है, तो ये श्रृंगार बिना रुद्राक्ष के कैसे पूरा हो सकता था? अब जब ये रुद्राक्ष काशी ने धारण कर लिया है, तो काशी का विकास और ज्यादा चमकेगा और ज्यादा काशी की शोभा बढ़ेगी। उन्होंने बोला कि बनारस के तो रोम रोम से गीत संगीत और कला झरती है। यहां गंगा के घाटों पर कितनी ही कलाएं विकसित हुई हैं, ज्ञान शिखर तक पहुंचा है और मानवता से जुड़े कितने गंभीर चिंतन हुये हैं। इसीलिए, बनारस गीत-संगीत का, धर्म-आध्यात्म का और ज्ञान-विज्ञान का एक बहुत बड़ा ग्लोबल सेंटर बन सकता है।

सीएम योगी किया आभार व्यक्त

वाराणसी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बोला कि 14 जुलाई 2018 को जापान के सहयोग से इस रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर का भूमि पूजन हुआ था। आज इस सेंटर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से हुआ, मैं इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं।

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