घर बनवाते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो हो जाएगा आपका काम-तमाम

नई दिल्ली। अपना खुद का घर हर किसी का सपना होता है। मकान व्यक्ति की बेसिक जरुरतों में से एक है। लोग अपनी सुविधा व इच्छानुसार अच्छे से अच्छा भवन निर्माण करवाते हैं। कई बार ऐसा देखा जाता है कि बड़े-बड़े मकानों में रहने वाले व्यक्तियों पर संकटों की छाया मंडराती रहती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर बनवाते समय आपको कुछ सावधानियां बरतने की जरुरत होती है। ऐसा न करने पर उस मकान में रहने वाले लोगों पर मुसीबते आती रहती हैं। कभी-कभी यह समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि गृहस्वामी की मौत तक हो जाती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि मकान बनवाते समय क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

जानिए मकान बनवाते समय किन बातों का रखें ध्यान
भवन यदि भूखंड के उत्तर या पूर्व में है तो अनिष्टकारी होता है। गृहस्वामी की संपत्ति का नाश होता है। यदि भवन भूखंड के मध्य हो तो शुभ होता है।

यदि भवन के मध्य में भोजन कक्ष है, तो गृहस्वामी को कई तरह की समस्याओं को झेलना होता है। उसका जीवन संघर्षमय हो जाता है। मध्य में लिफ्ट या शौचालय है तो घर का नाश हो जाएगा।

पूर्व दिशा निर्माण के कारण यदि पश्चिम से भारी हो जाए तो वाहन दुर्घटनाओं का भय रहता है।

दक्षिण में जलाशय होने वाले भवनों में स्त्रियों पर अत्याचार होते देखे जा सकते हैं। यहां जलाशय से गृह स्वामिनी गंभीर बीमारी से भी पीड़ित हो सकती है।

घर की आग्नेय दिशा में वट, पीपल, सेमल, पाकर तथा गूलर का वृक्ष होने से पीड़ा और मृत्यु होती है।

मुख्य द्वार के सामने मार्ग या वृक्ष होने से गृहस्वामी को अनेक रोग होते हैं।

एक दीवार से मिले हुए दो मकान यमराज के समान होते हैं, जो गृहस्वामी का नाश कर देते हैं। लाल किताब में भी इस तरह के मकान को बुरा माना गया है। इसलिए भवन के चारों ओर एवं मुख्य द्वार के सामने तथा पीछे कुछ भूमि आंगन के लिए छोड़ देना चाहिए।

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