दिल्ली मेट्रो के किराए को लेकर केजरीवाल ने मोदी सरकार को पत्र लिखकर की ये मांग

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नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी से अपील की कि वह दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) को किराया न बढ़ाने का निर्देश दें, क्योंकि यह ‘अन्यायपूर्ण’ है। किराए में वृद्धि तब तक न की जाए, जब तक केंद्र और दिल्ली सरकार संयुक्त रूप से डीएमआरसी के फैसले की समीक्षा न कर ले।

केजरीवाल

डीएमआरसी का संचालन केंद्र और दिल्ली सरकार संयुक्त रूप से करती हैं

पुरी को लिखे पत्र में केजरीवाल ने मांग की है कि वह डीएमआरसी को बोर्ड की बैठक बुलाने को कहें, जिसमें प्रस्तावित किराया वृद्धि स्थगित करने का निर्णय लिया जाए, क्योंकि डीएमआरसी का संचालन केंद्र और दिल्ली सरकार संयुक्त रूप से करती हैं। दिल्ली सरकार की ओर से एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस बात का जिक्र किया कि दिल्लीवासी पूर्व में की गई ‘तर्कहीन किराया वृद्धि’ के बोझ से अब तक उबर नहीं पाए हैं।

डीएमआरसी छह महीने से पहले दूसरी बार किराया बढ़ाने जा रही है

पिछली किराया वृद्धि मई में की गई थी और कहा गया था कि दूसरी किराया वृद्धि 10 अक्टूबर से प्रस्तावित है। आर्थिक सुस्ती के इस दौर में यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि किराया निर्धारण समिति ने दो किराया वृद्धि के बीच एक साल का अंतराल रखने की सिफारिश की थी, फिर भी डीएमआरसी छह महीने से पहले दूसरी बार किराया बढ़ाने जा रही है।

किराए का बोझ डालकर लागत की भरपाई करने की है

उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि समिति ने डीएमआरसी को यह सलाह भी दी थी कि वह हांगकांग मेट्रो की तर्ज पर रियल एस्टेट डेवलपमेंट के जरिए अपनी निधि बढ़ाए और उत्पादकता में सुधार लाए, ताकि लागत को कम किया जा सके और किराए में मामूली वृद्धि से ही काम चल जाए। आप नेता ने कहा कि डीएमआरसी ने लागत घटाने के उपाय करने की दिशा में कोई पहल की हो, ऐसा नहीं दिखता। उसकी कोशिश आम दैनिक यात्रियों पर ऊंचे किराए का बोझ डालकर लागत की भरपाई करने की है, जो अन्यायपूर्ण है।

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