‘खलिस्तान’ मामले में चौतरफा घिरे केजरीवाल, खेरा के विवादित बोल ‘आप’ पर पड़े भारी

नई दिल्ली। एलजी हाउस में धरना दे रहे केजरीवाल के नाम पर अब पंजाब में भी बवाल शुरू हो गया है। यहां सत्ता और विपक्ष ने मिलकर आप नेता सुखपाल सिंह खेरा को खालिस्तानी समर्थन वाले बयान पर जमकर खरी खोटी सुनाई। जहां एक ओर केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर आप पार्टी की फंडिंग पर बड़े सवाल खड़े करते हुए जांच की मांग की, वहीं पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल को खालिस्तान पर अपना मत साफ़ करने की बात कही।

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सुखपाल सिंह खेरा

दरअसल पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैरा (आम आदमी पार्टी) के एक ट्वीट पर हंगामा शुरू हो गया था। उसमें उन्होंने कथित तौर पर खालिस्तानियों का समर्थन किया था।

उन्होंने लिखा था, ‘हालांकि, मैं 2020 जनमत संग्रह में मतदाता नहीं हूं लेकिन मैं यह कहने में भी नहीं हिचकिचाता हूं कि विभाजन के बाद से सिखों से भेदभाव, उनके उत्पीड़न, दरबार साहिब पर हमले और 1984 हत्याकांड की वजह से ही यह सब हुआ है।’

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खबरों के मुताबिक़ सुखपाल सिंह खेरा का जिक्र कर हरसिमरत कौर ने कहा- यह बेहद शर्मनाक है कि पंजाब का एक बड़ा नेता (खेरा) उन लोगों को सपॉर्ट कर रहा है जो देश को बांटना चाहते हैं। इसपर केजरीवाल भी कुछ नहीं बोल रहे।

उन्होंने कहा कि सुखपाल खेरा कौन से डॉलर की भाषा बोल रहे हैं, वो डॉलर कौन सा देश और आतंकी दे रहे हैं, ये देखना होगा। साथ ही हरसिमरत कौर ने केजरीवाल की दिल्ली को पूर्ण राज्य घोषित करने की मांग पर भी सवाल उठाए।

दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी केजरीवाल पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि खेरा ने पहले साफ कहा कि वह 2020 खालिस्तानी जनमत संग्रह के समर्थन में हैं और अब पलट गए।

केजरीवाल को इस मुद्दे पर अपना स्टैंड साफ करना चाहिए। अमरिंदर सिंह ने पहले भी केजरीवाल से यह सवाल किया था।

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