‘राइट टू प्राइवेसी’ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केजरीवाल ने दिया चौंकाने वाला बयान

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नई दिल्ली। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राइट टू प्राइवेसी यानी निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार करार दिया। कोर्ट ने कहा कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है और यह संविधान के आर्टिकल 21 (जीने के अधिकार) के तहत आता है। इस बड़े फैसले पर आम आदमी पार्टी से संयोजक और दिल्ली से सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

सुप्रीम कोर्ट

केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसला का स्वागत किया

केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसला का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने शीर्ष अदालत का फैसला आने के बाद ट्वीट कर कहा, इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को कम करने के मोदी सरकार के प्रयासों को खारिज कर दिया। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.एस.खेहर की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय पीठ ने अपने फैसले में कहा कि निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है।

9 जजों की संवैधानिक बेंच ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया

सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संवैधानिक बेंच ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया। कोर्ट ने 1954 में 8 जजों की संवैधानिक बेंच की एमपी शर्मा केस और 1961 में 6 जजों की बेंच के खड्ग सिंह केस में दिए फैसले को पलट दिया।

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