केजरीवाल की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने खारिज की आप विधायकों की जमानत याचिका

नई दिल्ली। मुख्य सचिव से मारपीट के मामले में अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उनकी पार्टी के विधायकों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इनमे अमानतुल्ला खान व प्रकाश जारवाल के नाम शामिल हैं। इन दोनों के खिलाफ चीफ सेक्रटरी अंशु प्रकाश के साथ मारपीट करने का आरोप है।

दिल्ली पुलिस के वकील ने रखा अपना पक्ष

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा कि मुख्य सचिव के खिलाफ पूरी सोची समझी साजिश के तहत हमला किया गया। पुलिस ने दलील दी कि आखिर आधी रात को मुख्यमंत्री के घर पर किस मकसद से बुलाया गया। जबकि ऐसी कोई इमरजेंसी भी नहीं थी। इसके अलावा इस बैठक में 11 ऐसे लोग भी मौजूद थे जिनका वहां होने का मतलब ही नहीं था।
वहीं आप के दोनों विधायकों ने किसी भी तरह की मारपीट करने से इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि वो निर्दोष हैं, उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।

वीके जैन ने कोर्ट में दिया बयान

वीके जैन ने कोर्ट में मामले पर अपना बयान देते हुए कहा कि वह वारदात की रात जब केजरीवाल के आवास पर पहुंचे तो वहां पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश मौजूद थे। ऐसे में उनके साथ बदसलूकी और मारपीट हो रही थी। उन्होंने कहा कि इस मारपीट में अंशु प्रकाश का चश्मा भी जमीन पर गिर पड़ा। यह सब मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में हुआ।

बौखलाई आप ने प्रेस कांफ्रेंस कर दिल्ली पुलिस व केंद्र सरकार को निशाने पर लिया

इससे पहले पुलिस ने केजरीवाल के घर पर छापामार कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। जिसके बाद से आप ने प्रेस कांफ्रेंस कर मामले पर बयान जारी किया है। पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस की इस मनमानी के विरोध में कल वो देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार एनकाउंटर स्पशलिस्ट है। इनका मकसद केवल अराजकता फैलाना है। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए यह सरकार कुछ भी कर सकती है।

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