केरल: बाढ़ में फंसे लोगों के लिए मुहैया कराया गया राशन और पानी, रेसक्यू अभियान जारी

केरल पर इस साल पड़ी मॉनसून की मार से तबाही का आलम इस कदर बढ़ गया है कि लोग जान बचाने को तरस रहे हैं। बरबादी का ऐसा मंज़र दिल देहला देने वाला है। मासूम बच्चे, बूढ़े, जवान सबके चेहरे पर सिर्फ बेबसी ही छाई है जो एकटक आसमान की तरफ देख रही है की कोई फरिश्ता आके उन्हे बचा ले। दाने-दाने को मोहताज केरल के लिए नौसेना का जहाज राशन और पानी लेकर पहुंचा है।

केरल: बाढ़ में फंसे लोगों के लिए मुहैया कराया गया राशन और पानी, रेसक्यू अभियान जारी

वैसे तो केरल में आया यह कहर रविवार को कुछ कम होता दिखाई दिया है। शुक्रवार से बारिश कम होने के चलते स्थिति में कुछ सुधार दिखा है। हालांकि अब रिलीफ कैंपों में ठहरे करीब 20 लाख लोगों के बीमारियों के शिकार होने का खतरा पैदा हो गया है। करीब 10 दिनों में ही 186 लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इनमें से बहुत से लोगों को तो बाढ़ के चलते हुए भूस्खलन में ही अपनी जान गवानी पड़ी।

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को कुछ ही इलाकों में भारी बारिश की आशंका जाहिर की है और तमाम इलाकों में बाढ़ के पानी का स्तर घटने लगा है। बाढ़ के इस जाल में फंसे लोगों को रेसक्यू करने का अभियान चल रहा है। सेना, एनडीआरएफ इस काम को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग ने रविवार को कुछ ही इलाकों में भारी बारिश की आशंका जाहिर की है इसके अलावा फूड पैकेट्स समेत तमाम तरह की राहत भी लोगों तक पूरी ते जी के साथ पहुंचाई जा रही हैं।

अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल बचाव टीमों का फोकस पम्पा नदी के किनारे बसे चेनगन्नूर कस्बे पर है, जहां 5,000 लोग फंसे हुए हैं। केरल हेल्थ डिपार्टमेंट में डिजास्टर मैनेजमेंट का काम देखने वाले अनिल वासुदेवन ने कहा कि अथॉरिटीज ने ऐसे तीन लोगों को अलुवा के एक रिलीफ़ कैंप से अलग कर दिया है, जो चिकनपॉक्स के शिकार थे।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग प्रदूषित जल और वायु से पैदा होने वाली बीमारियों के खतरे से निपटने की तैयारी कर रहा है। तीन महीने पहले शुरू हुई मॉनसून की बारिश के बाद से अब तक 2 लाख लोग रिलीफ कैंपों में शरण ले चुके हैं।

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