केशव प्रसाद मौर्य ने मायावती पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप

लखनऊ। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिनियम में बदलाव के बाद दलित संगठन देश भर में आंदोलन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी बंद के बाद हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मायावती पर उत्तर प्रदेश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए सवाल पुछा है।

केशव प्रसाद मौर्य

 

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मैं मायावती जी से पूछना चाहता हूं कि, यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। उससे पहले इस तरह के आंदोलन के क्या मतलब हैं?’ वहीँ सोमवार को मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस अपनी पार्टी के ऊपर लग रहे आरोपों का जवाब दिया था।

उन्होंने कहा कि इस हिंसा से बसपा का कोई लेना देना है। बिना वजह उनकी पार्टी का नाम घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व इस आन्दोलन को हिंसक रूप देने में लगे हुए हैं साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है उन्होंने कहा कि इन लोगों की आड़ में दलित और पिछड़े लोगो को निशाना न बनाया जाए। यदि ऐसा होता है तो बसपा चुप नहीं बैठेगी।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के इस कानून में बदलाव के बाद अब शीर्ष अदालत के फैसले के बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) समुदाय से जुड़े मामलों में सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार करने से पहले सक्षम विभाग/अधिकारी की मंजूरी जरूरी हो गई है।

इससे पहले SC/ST एक्ट में कड़े कानून की व्यवस्था की गई थी। इसके तहत शिकायत मिलते ही कार्रवाई और गिरफ्तारी का प्रावधान है। साथ ही इसमें आरोपी के जमानत का कोई प्रवधान नहीं है। वर्ष 1989 में दलितों और आदिवासियों को अत्याचार से बचाने के लिए इस कानून को अमल में लाया गया था।

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