शिवपाल से छिन गई ‘चाबी’, अब ‘स्टूल’ मिला चुनाव चिह्न

चुनाव आयोग ने प्रसपा का चुनाव चिह्न 'चाबी' छीन ली है. शिवपाल की पार्टी का अब 'स्टूल' आवंटित किया गया है

शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का भले ही समाजवादी पार्टी से गठबंधन होगा लेकिन चुनावी मैदान में स्थिति दोनों ही दलों के विलय की ही होगी, दरअसल, चुनाव आयोग ने प्रसपा का चुनाव चिह्न ‘चाबी’ छीन ली है. शिवपाल की पार्टी का अब ‘स्टूल’ आवंटित किया गया है, पार्टी के सूत्रों का कहना है कि नए चिह्न के प्रचार से अधिक मुफीद सपा के चुनाव चिह्न साइकल पर लड़ना होगा इसलिए शिवपाल यादव सहित अन्य प्रत्याशी ‘साइकल’ पर ही मैदान में उतर सकते हैं. आयोग ने कुछ दिन पहले चाबी चुनाव चिह्न हरियाणा में एक राजनीतिक पार्टी को अलॉट कर दिया था.

साइकिल चुनाव चिन्ह पर लड़ सकते हैं चुनाव

2017 के विधानसभा चुनाव के बाद शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहियावादी) बनाई थी. 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रसपा को ‘चाबी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया था. लेकिन, प्रसपा चुनाव में महज 0.31% वोट ही हासिल कर पाई थी. इस प्रदर्शन के आधार पर 2022 के चुनाव के लिए आयोग ने प्रसपा को नया चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया है. हालांकि, प्रसपा मुखिया शिवपाल यादव सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि वह साइकल चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ सकते हैं.

अखिलेश को माना अपना नेता

आपको बता दें कि शिवपाल यादव ने साफ कर दिया है कि वह अखिलेश को अपना नेता मानते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का नेतृत्व अच्छा है और चाहते हैं कि अखिलेश मुख्यमंत्री बनें. शिवपाल यादव ने कहा कि पुरानी बातों को हम दोनों ने पीछे छोड़ दिया है. अब मुझे आगे बढ़ना है

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