खाप पंचायत का फरमान-लड़कियां अपने मन से नहीं कर सकती शादी, बेटियों के जन्म पर लगायेंगे रोक

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शामली। खाप पंचायतें खुद को सुप्रीम कोर्ट से ऊपर समझती और खुद के फरमान जारी करती हैं। ऐसा ही मामला शामली जिले में सामने आया है। यहां पंचायत ने फैसला किया है कि यहां बेटियां अपनी मर्जी से शादी नहीं कर सकती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी धमकी दी है कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप तो वो लोग बेटियों के जन्म पर ही अंकुश लगा सकते हैं।

ये सारी बातें शामली जनपद के खाप चौधरी नरेश टिकैत ने कही। उन्होंने कहा कि लड़कियों के जन्म पर अंकुश लगाने के बाद लड़के व लड़कों के बीच लिंगानुपात का जो अंतर बढेगा उसकी जिम्मेदारी भी माननीय सुप्रीम कोर्ट की ही होगी।आपको बता दें कि खाप पचायतों के तुगली फरमानों पर कोर्ट ने सख्त होते हुए कहा था कि दो व्यस्क लोगों की राजमंदी से हो रही शादी में कोई दखलंदाजी नहीं कर सकता। खाप पंचायत किसी व्यस्क को अंतर्जातीय विवाह करने से रोक नहीं सकता।  

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खाप चौधरियों में खासी नाराजगी है और इस फैसले का विरोध हो रहा है। इसी को लेकर गुरुवार को शामली क्षेत्र के गांव भज्जू में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत पहुंचे थे। टिकैत ने कोर्ट के फैसले पर नारजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर हमारी पुरानी परम्पराओं में कोर्ट हस्तक्षेप करेगी तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर कोर्ट फिर भी नहीं मानेगी तो हम लड़कियां पैदा नहीं करेंगे और अगर हो गईं तो उन्हें पढने-लिखने नहीं देंगे।

कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार से केंद्र सरकार और याचिकाकर्ताओं से ऐसे उपाय मांगे, जिससे इन विवाहित दंपतियों को सुरक्षा प्रदान की जा सके। साथ ही कोर्ट ने खाप की पैरवी कर रहे वकील से कड़े शब्दों में कहा किकोई शादी वैध है या अवैध, यह फैसला बस अदालत ही कर सकती है। आप इससे दूर रहें।

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