खट्टर ने जिला उपायुक्तों को दिए निर्देश, परिवार पहचान पत्र का कार्य दिसम्बर तक करे पूरा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत सभी परिवारों का शत-प्रतिशत पंजीकरण और डाटा अपग्रेडशन का कार्य आगामी 31 दिसम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत सभी परिवारों का शत-प्रतिशत पंजीकरण और डाटा अपग्रेडशन का कार्य आगामी 31 दिसम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। खट्टर ने आज यहां अतिरिक्त उपायुक्तों, जो परिवार पहचान पत्र योजना के लिए जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी भी हैं, के साथ परिवार पहचान पत्र पर परिवारों के डाटा अपग्रेडेशन कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पीपीपी राज्य सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है जिसके तहत भविष्य में सरकार द्वारा नागरिकों के कल्याणार्थ बनाई जाने वाली योजनाएं सटीक और पारदर्शी तरीके से बन सकेंगी और सरकार जरूरतमंदों को सीधे उनके घर द्वार पर सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएगी। सरकार के पास रियल टाईम डाटा उपलब्ध होगा, जिससे कोई भी किसी भी सरकारी सुविधा के लिए पात्र होगा तो उसे सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे बिना तुरंत ऑनलाइन माध्यम से वह सुविधा घर बैठे ही मिल पाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के परिवारों का डाटा तुरंत अपडेट किया जाए। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को भी निर्देश जारी किए जाएं और अतिरिक्त उपायुक्त स्वयं निरंतर समीक्षा करें। इसके अलावा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के डाटा को भी परिवार पहचान पत्र पोर्टल के साथ लिंक किया जाए और घर के मुखिया द्वारा डाटा का सत्यापन कराना भी सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्राम स्तर की स्थानीय कमेटी के गैर-सरकारी सदस्यों की बैठक बुलाकर उन्हें परिवार पहचान पत्र परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए और उन्हें प्रेरित करें कि वे अपने क्षेत्र के लोगों से बातचीत करें ताकि सभी लोग परिवार पहचान पत्र पर पंजीकरण कराने के लिए आगे आएं। इस प्रकार कमेटी के सदस्यों की भागीदारी भी बढ़ेगी और पीपीपी के कार्य में भी तेजी आएगी।

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शेष 10 प्रतिशत कार्य तुरंत पूरा करें

उन्होंने कहा कि जिन गांवों या वार्डों में पीपीपी पर डाटा पंजीकरण और डाटा अपडेशन का कार्य 90 प्रतिशत तक हो जाए, उसके बाद एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाए जिसके तहत मोबाइल टीमें तैयार की जाएं और ये टीमें गांव में घर-घर जाकर शेष 10 प्रतिशत कार्य तुरंत पूरा करें।

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पीपीपी पोर्टल पर परिवारों का डाटा अपडेट किया जा चुका

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और नागरिक संसाधन सूचना विभाग के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने बताया कि पीपीपी पोर्टल पर 27,75,257 परिवारों का डाटा अपडेट किया जा चुका है। अधिकतर जिलों में 50 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि पीपीपी डाटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा और यह केवल सरकारी योजनाओं के लिए प्रयोग किया जाएगा।

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