खट्टर का ऐलान: बड़े प्लाटों के बंटवारे को लेकर नीति तैयार, नगर निगम में नक्शा पास

गुरूग्राम में कष्ट निवारण समिति की बैठक, बड़े प्लाटों के बंटवारे को लेकर नीति तैयार

गुरुग्राम: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरूग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में कहा, प्रदेश में बड़े प्लाटों के बंटवारे को लेकर नीति लगभग तैयार हो चुकी है जिसे अगली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।

कष्ट निवारण समिति की बैठक

इसमें प्रावधान ऐसा किया जा रहा है कि बंटवारे के बाद हर हिस्से का कम से कम सौ गज का एरिया अवश्य हो। यह घोषणा आज हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरूग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए की। कष्ट निवारण समिति की बैठक में कुल 10 शिकायतें अथवा समस्याएं रखी गई थी जिनका मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मौके पर निपटारा कर दिया।

टाउन प्लानिंग स्कीम

बैठक में एक समस्या यह भी रखी गई थी कि वर्ष-1966-67 में प्रदेश में टाउन प्लानिंग स्कीम बनाई गई थी और जो कालोनी उस स्कीम के अंतर्गत आती थी उनमें प्लाट का साइज भी स्कीम के अनुसार ही था। उस प्लॉट के टुकड़े अथवा बंटवारा करने पर टुकड़ों का नक्शा पास नही किया जाता।

नगर निगम में नक्शा पास

गुरूग्राम के शिवाजी नगर के दो शिकायतकर्ताओ ने यह मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके दादा ने वर्ष-1971 में 153 वर्गगज के प्लाट पर मकान बनाया था जो बाद में उन दोनो भाईयों के नाम हस्तांतरित कर दिया गया। मकान पुराना हो गया था इसलिए उसके स्थान पर नया मकान बनाने के लिए जब नगर निगम में नक्शा पास कराने को दिया गया तो उस पुराने नियम का हवाला देते हुए उनका नक्शा पास नही हुआ।

कालोनी में बनाए गए मकान सील

मुख्यमंत्री ने इस समस्या का निपटारा करते हुए बताया कि ऐसे मामलों के लिए राज्य सरकार ने नीति लगभग तैयार कर ली है जिसका प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। नगर निगम द्वारा अनाधिकृत रूप से नियमों का उल्लंघन करते हुए हुए गुरूग्राम की न्यू कालोनी में बनाए जा रहे मकान को सील किए जाने के बाद भी उसमें निर्माण कार्य जारी रहने के बारे में की गई शिकायत का निपटारा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस मामले में गुरूग्राम पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए और कहा कि नियमों का उल्लंघन करते हुए जो अवैध निर्माण किया गया है उसे नगर निगम के डिमोलिशन आर्डर के अनुसार हटाया जाए। इस मामले में बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सील करने के बाद निर्माण जारी रखने की जो भी शिकायत मिलेगी उस पर ऐसी ही कार्यवाही की जाएगी।

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