सिंघू सीमा पर हत्या ‘दुर्भाग्यपूर्ण’, किसानों के विरोध को प्रभावित नहीं करेगा: टिकैत

नई दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि सिंघू सीमा के पास एक व्यक्ति की कथित हत्या “दुर्भाग्यपूर्ण” है, लेकिन यह केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध को प्रभावित नहीं करेगा।

टिकैत ने कहा, “जो कुछ भी हुआ वह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी ने उसे मार डाला और बाद में पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया। मामला जांच का विषय है। इससे हमारे विरोध पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

पुलिस उपाधीक्षक (DSP) हंसराज ने कहा कि शुक्रवार को सिंघू सीमा के पास किसानों के धरना स्थल पर पुलिस बैरिकेड्स पर एक व्यक्ति के हाथ और पैर कटे हुए मिले थे। डीएसपी ने कहा, “मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।”

दलित शख्स की हुई थी हत्या

युवक की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चीमा खुर्द निवासी लखबीर सिंह के रूप में हुई है. मृतक, लगभग 35-36 वर्षीय, जो एक मजदूर के रूप में काम करता था, का किसी भी राजनीतिक दल के साथ कोई आपराधिक रिकॉर्ड या संबद्धता नहीं है, ने पुलिस को सूचित किया।

बता दें, हरियाणा के सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर एक दलित शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। ये वारदात कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर सिंघू बॉर्डर पर धरना-प्रदर्शन वाली जगह के पीछे हुई है। दलित शख्स का शव बैरिकेड पर लटका मिला है। बताया जा रहा है, हत्या से पहले शख्स की बेरहमी के पिटाई की गई है।

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