उन्नाव रेप केस: यूपी के हालत बाद से बदतर, लागू हो राष्ट्रपति शासन

लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप मामले में योगी सरकार की किरकिरी हो रही वहीँ विपक्ष प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की मांग कर रहा है। सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने कहा कि यूपी में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 356 लागू कर सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।

किरणमय नंदा

उन्होंने कहा कि आरोपी को बचाने की कोशिश की गई। इसके बावजूद अभी तक राजभवन की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक इस मामले में सामने आई है। प्रदेश में सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति मौन हैं। साथ उन्होंने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सपा महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह नेतृत्व में एक महिला प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के घर पर भेजा था।

महिला प्रतिनिधि मंडल की रिपोर्ट के आधार पर अखिलेश यादव ने पीड़िता को परेशान करने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की हैं। किरणमय नंदा ने कहा कि आरोपी विधायक के खिलाग गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया जिसमे जमानत भी नहीं होती। उसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।

वहीँ उन्नाव मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, पुलिस की मिलीभगत से हालात बद से बदतर हुए है। इन सबके लिए बीजेपी सरकार ही जिम्मेदार है। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा देने की भी मांग की।

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