Kisan Andolan: कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सदन में हंगामा

कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सदन में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा को कल तक के लिए स्थगित किया गया है

नई दिल्ली: किसानों को विरोध प्रदर्शन करते हुए आज 72 दिन हो गए हैं। कृषि कानूनों (Krishi Kanoon) को रद्द करने की मांग को लेकर सदन में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा को कल तक के लिए स्थगित कर किया गया है। सदन की बैठक में विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों को वापस लेने का नारा लगाए।

नरेंद्र सिंह तोमर का बयान

राज्यसभा में हंगामें के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बोले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गांव, गरीब और किसान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले कल में भी रहेगी। कई बार विपक्ष की तरफ से ये बात सामने आती है कि आप कहते हैं कि सब मोदी जी की सरकार ने किया है पिछली सरकारों ने तो कुछ भी नहीं किया। मैं इस मामले में ये कहना चाहता हूं कि इस प्रकार का आरोप लगाना उचित नहीं है।

कृषि मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने सेंट्रल हॉल में अपने पहले भाषण में और 15 अगस्त में भी उन्होंने कहा था कि मेरे पूर्व जितनी भी सरकारे थी उन सबका योगदान देश के विकास में अपने-अपने समय पर रहा है।

कुछ लोग मनरेगा को गड्ढों वाली योजना कहते थे। जब तक आपकी सरकार थी उसमें गड्ढे खोदने का ही काम होता था। लेकिन मुझे ये कहते हुए प्रसन्नता और गर्व है कि इस योजना की शुरुआत आपने की लेकिन इसे परिमार्जित हमने किया।

किसान की आमदनी दोगुनी

किसान की आमदनी दोगुनी हो इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के माध्यम से 6,000 रुपये का योगदान दिया। आज हम ये कह सकते हैं कि दस करोड़ 75 लाख किसानों को 1,15,000 करोड़ रुपये डीबीटी से उनके अकाउंट में भेजने का काम किया है।

खून से खेती

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं प्रतिपक्ष का धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने किसान आंदोलन पर चिंता की और आंदोलन के लिए सरकार को जो कोसना आवश्यक था उसमें भी कंजूसी नहीं की और कानूनों को जोर देकर काले कानून कहा। मैं किसान यूनियन से 2 महीने तक पूछता रहा कि कानून में काला क्या है।

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भारत सरकार कानूनों में किसी भी संशोधन के लिए तैयार है इसके मायने ये नहीं लगाए जाने चाहिए कि कृषि कानूनों में कोई गलती है। पूरे एक राज्य में लोग गलतफहमी का शिकार हैं। किसानों को इस बात के लिए बरगलाया गया है कि ये कानून आपकी जमीन ले जाएंगे। दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है। खून से खेती सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है, भारतीय जनता पार्टी खून से खेती नहीं कर सकती। राज्यसभा की कार्यवाही 8 फरवरी को सुबह 9:00 बजे तक के लिए स्थगित हुई है।

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