दिल्ली को घेरने की तैयारी में लगे किसान, टैक्टर मार्च की कर रहे रिहर्सल

किसान और सरकार के बीच यह लड़ाई और भी ज्यादा खींचती हुई नजर आ रही है। आज यानी की बृहस्पतवार को हजारों किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला है। किसान ऐसा सरकार पर दवाब बनाने के लिए कर रहे हैं।

नई दिल्ली: पंजाब हरियाणा के किसानों की मुश्किलें अब भी खत्म नहीं हुई है। मांगे पूरी न होने पर किसानों ने अब ट्रैक्टर मार्च की शुरूआत की है। किसान और सरकार के बीच यह लड़ाई और भी ज्यादा खींचती हुई नजर आ रही है। आज यानी की बृहस्पतवार को हजारों किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला है। किसान ऐसा सरकार पर दवाब बनाने के लिए कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वो गणतंत्र दिवस की तैयारी कर रहे हैं। 40 किसान संगठन ट्रैक्टर मार्च निकाल कर दिल्ली को घेरने की तैयारी में जुटे हुए हैं।

सिर्फ ट्रैक्टर मार्च ही नहीं, कृषि बिल को वापस लेने के लिए किसान हर तरीके अपना रहे हैं। दरअसल युवा किसानों ने टिकरी बॉर्डर पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार से कृषि कानून बिल को वापस लेने की मांग की।

बता दें कि सिंघु बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। किसानों का कहना है कि यह 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर आयोजित किए जाने वाले ट्रैक्टर मार्च का पूर्वाभ्यास है। हालांकि, 8 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच आठवें दौर की बातचीत होनी है। इससे पहले किसानों ने कृषि कानूनों का विरोध और तेज करने की बात कही है।

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने गुरुवार को आंदोलन कर रहे किसानों से विरोध मार्च को शांतिपूर्ण रखने की अपील की और जोर देकर कहा कि सरकार कल एक प्रस्ताव को लेकर आशान्वित है।

वहीं किसान आंदोलन पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे चला तो तबलीगी जमात जैसे हालात उत्पन्न हो सकती है। कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या किसान आंदोलन में कोरोना को लेकर क्या नियमों का पालन किया जा सकता है। हमें डर है कि कहीं इस आंदोलन का हाल तबलीगी जमात जैसा न हो जाए। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एसए बोबड़े ने कहा कि हमें नहीं पता कि किसान कोविड से सुरक्षित हैं या नहीं। आप भीड़ को लेकर गाइडलाइन बनाइए।

कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को भीड़ इकट्ठा होने को लेकर गाइडलाइन बनानी चाहिए। उधर, तबलीगी जमात में हजारों लोगों को इकट्ठा किए जाने की सीबीआई जांच की मांग किए जाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

यह भी पढ़ें: पेट्रोल के दाम (Price of Petrol) ने तोड़ा रिकॉर्ड, जानें कितनी हुई बढ़ोतरी

यह भी पढ़ें: अमेरिका में नहीं टल रहा Covid-19 का संकट, 1.31 लाख मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती

Related Articles