जानिये दिलीप कुमार से ए आर रहमान बन्ने का सफ़र, किया था धर्म परिवर्तन

ए आर रहमान भारतीय संगीत जगत के ऐसे कंपोजर हैं जिन्होंने देश का नाम विश्वभर में रोशन किया है| ए आर रहमान ने करियर के करीब तीन दशक में अपने संगीत के जादू से सारी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया है| देश के महान म्यूजिक डायरेक्टर ने अपने जीवन में कई सारे उतार-चढाव देखे हैं| रहमान के 53वें जन्मदिन पर बता रहे हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक किस्से|

नाम बदलने को लेकर ए आर रहमान ने बताया था उन्हें उनका नाम पसंद नहीं था। उन्होंने अपनी मन से अपना नाम नहीं बदला था। उनकी मां एक ज्योतिषी के पास गई थी। ज्योतिषी ने कहा कि ‘अब्दुल रहमान’ या ‘अब्दुल रहीम’ नाम ए आर रहमान के लिए अच्छा होगा। ‘रहमान’ का नाम उस वक्त के ‘दिलीप’ को पसंद आया। इस तरह ‘दिलीप कुमार’ ‘ए आर रहमान’ हो गए। दिलीप कुमार उर्फ ए.आर रहमान की पत्नी का नाम सायरो बानो है और मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार की पत्नी का नाम भी सायरो बानो ही है।

रहमान के पिता भी संगीतकार थे, और उन्हें संगीत विरासत में मिला है। रहमान 9 साल के थे, जब उनके पिता का देहांत हुआ था। रहमान की मां को सूफी संत पीर करीमुल्लाह पर पूरा भरोसा था। हालांकि उनकी मां हिन्दु धर्म को मानती थी। पिता के देहांत के 10 साल बाद हम कादरी साहब से मिलने पहुंचे। उनकी तबियत खराब थी। वे मेरी मां को बेटी की तरह मानते थे। सूफिज्म का रास्ता उन्हें और मां दोनों को पसंद था। उन्होंने सूफी इस्लाम को अपनाने का फैसला किया।

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