जानिये बाबा हरभजन सिंह के मंदिर के बारे में जहाँ चीनी सेना भी झुकाती है सिर

सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर एक सैनिक ऐसे भी हैं जो मौत के 48 साल बाद भी सरहद की रक्षा कर रहे हैं। सुनने में आपको थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन भारतीय सैनिक बाबा हरभजन सिंह के मंदिर में चीनी सेना भी सिर झुकाती है। आखिर कौन हैं यह बाबा जिसका भारतीय सेना ने 14 हजार फीट की ऊंचाई पर मंदिर बनवाया हुआ है।

लोगों का भी ऐसा ही मानना है और दूर-दूर से लोग यहां बाबा हरभजन सिंह के मंदिर में पूजा करने आते हैं।

सिक्किम की राजधानी गंगटोक में जेलेप दर्रे और नाथुला दर्रे के बीच बना बाबा हरभजन सिंह मंदिर लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

भारतीय सेना का ऐसा कोई सिपाही और अधिकारी नहीं है जो भारत-चीन बार्डर पर चौदह हजार फुट की ऊंचाई वाले बर्फीले पहाड़ों में बने बाबा के मंदिर में मत्था न टेकता हो।

बाबा हरभजन सिंह का जन्म जिला गुजरांवाला (वर्तमान पाकिस्तान में) के सदराना गांव में 30 अगस्त 1946 को हुआ था।

 

भारतीय सेना की पंजाब रेजिमेंट में सिपाही के पद पर तैनात हरभजन 4 अक्टूबर 1968 को अपने काफिले के साथ जा रहे थे, तभी दुर्घटनावश एक गहरे नाले में गिरने से उनकी मौत हो गई। उस समय न तो उनका शव मिला और न ही कोई जानकारी मिली।

सेना ने इसके बाद ही बाबा का मंदिर बनवाया। इस मंदिर में बाबा हरभजन सिंह की एक फोटो और उनका सामान रखा हुआ है।

सिक्किम के लोग बताते हैं कि बॉर्डर पर होने वाली भारत और चीन की फ्लैग मीटिंग में बाबा हरभजन के लिए एक अलग से कुर्सी रखी जाती है।

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