बिना कंफ्यूज हुए यहां समझिए बजट (2020-21) से जुड़ी सारी बातें

इस बार बजट पेश होने के एक दिन पहले रविवार पड़ रहा है। इसी वजह आर्थिक सर्वे 31 जनवरी के बजाए 30 जनवरी यानी की आज पेश किया जाएगा।

नई दिल्ली: 1 फरवरी को साल 2021-22 का बजट पेश किया जाएगा। इस बजट को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। बता दें कि बजट से करीब एक दिन पहले आर्थिक सर्वे पेश किया जाता है। हालांकि इस बार बजट पेश होने के एक दिन पहले रविवार पड़ रहा है। इसी वजह आर्थिक सर्वे 31 जनवरी के बजाए 30 जनवरी यानी की आज पेश किया जाएगा।

आर्थिक सर्वे क्या होता है?

आर्थिक सर्वे पिछले एक साल की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर एक डिटेलड रिपोर्ट होती है। इस रिपोर्ट में अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रमुख चुनौतियों और उनसे निपटने का जिक्र होता है। आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार के मार्गदर्शन में इस दस्तावेज को तैयार किया जाता है। फिलहाल मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण का महत्व क्या है?

इस रिपोर्ट का महात्व ये होता है कि ये देश की आर्थिक स्थिति को दिखाता है। इस रिपोर्ट के जरिए कृषि, रोजगार, उत्पादन, पैसे की आपूर्ति, कीमत, आयत विदेश मुद्रा भंडार आदि आर्तिक कारकों को विश्लेषण किया जाता है।

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कैसे पेश होता है बजट?

बजट पेश करनी की तारीख पर सरकार को लोकसभा स्पीकर की सहमति लेनी होती है। इसके बाद लोकसभा सचिवालय के महासचिव राष्ट्रपति से मंजूरी लेते हैं। मंजूरी मिलने के बाद अपने निर्धारित समय पर वित्त मंत्री लोकसभा में बजट पेश करते हैं। हालांकि बजट पेश करने से ठीक पहले ‘समरी फॉर द कैबिनेट’ के जरिए बजट के प्रस्तावों पर कैबिनेट को संक्षेप में बताया जाता है। वित्त मंत्री के भाषण के बाद सदन के पटल पर बजट रखा जाता है।

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