जानिये जयकिशन काकूभाई कैसे बने ‘जैकी श्रॉफ’, बनाई अपनी एक अलग पहचान

बॉलीवुड में जैकी श्रॉफ का नाम उन गिने चुने अभिनेताओं में शुमार किया जाता है जिन्होंने लगभग चार दशक से अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिल में आज भी एक ख़ास मुकाम बना रखा है। मुंबई में 1 फरवरी को जन्में जैकी श्रॉफ मूल नाम जयकिशन श्रॉफ ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1982 में प्रदर्शित देवानंद की फिल्म ‘स्वामी दादा’ से की।

सुभाष घई को अपनी फिल्म ‘हीरो’ के लिए रफ एंड टफ छवि वाले कलाकार की जरूरत थी और उन्होंने जैकी को ‘हीरो’ के लिए चुन लिया। वर्ष 1983 में प्रदर्शित फिल्म ‘हीरो’ में जैकी ने एक मवाली की भूमिका निभाई। ‘हीरो’ टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई।

वर्ष 1986 में जैकी श्रॉफ को एक बार फिर से सुभाष घई के साथ ‘कर्मा’ में काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1987 में प्रदर्शित फिल्म ‘काश’ जैकी श्रॉफ के करियर की उल्लेखनीय फिल्मों में से एक है। वर्ष 1989 में उनकी त्रिदेव ‘राम लखन’ और ‘परिन्दा’ जैसी सुपरहिट फिल्में प्रदर्शित हुई।

‘परिन्दा’ के लिए जैकी को उनके दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार दिया गया। वहीं सुभाष घई की फिल्म ‘राम-लखन’ में जैकी और अनिल कपूर की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

 

वर्ष 1993 में प्रदर्शित फिल्म 1942 ‘ए लव स्टोरी’ और वर्ष 1995 में प्रदर्शित फिल्म ‘रंगीला’ के लिए जैकी सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किए गए। जैकी ने हिंदी फिल्मों के अलावा गुजराती, तमिल, तेलुगू, बंगाली, मलयालम, कन्नड़, मराठी, पंजाबी और उड़िया फिल्मों में भी अभिनय किया है। उनके करियर की उल्लेखनीय फिल्मों में कुछ अन्य है, युद्ध, तेरी मेहरबानियां, शिवा का इंसाफ, दूध का कर्ज, इज्जत, 100 डेज, अंगार, खलनायक, गद्धिश, आइना, शपथ, बॉर्डर, मिशन कश्मीर देवदास, धूम 3, औरंगजेब, हैप्पी न्यू ईयर, हाउसफुल 3, सरकार 3 और भारत आदि।

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