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जानिए सुनामी की दसवीं सालगिरह पर कैसे हैं Japan के हालात

मिनामिसानरिकु :आपको शायद याद हो 11 मार्च का वो दिन जब आज से दस साल पहले Japan में एक भयंकर भूकंप आया था।ये Japan ही का बूता है की आज देश के मिनामिसानरिकु, इशिनोमाकी और लिटेट हादसे से पहले की तरह आबाद हैं।

गिर कर संभालना जापान से सीखें।

11 मार्च 2011 को दोपहर 3 बजे  जापान में 9 इंटेंसिटी का भूकंप आया था । जिसके कुछ ही देर बाद कोस्ट पर उठीं ऊंची लहरें सुनामी में बदल गई थीं। फिर जो कुछ भी इन लहरों के मुकाबले आया समंदर में समां गया। इस हादसे में सोला हजार के करीब लोगों की जान गई और ढाई हज़ार के करीब अभी तक लापता हैं।

पहली बार देखी थी दुनिया ने इतनी तबाही

सुनामी लहरों ने जापान के कोस्ट पर बसे मिनामिसानरिकु शहर को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया था । हादसे के बाद से शहर के लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में बसाया जा रहा है। और इलाके को टूरिस्ट के लिए आर्टिफिशल बीच में कन्वर्ट कर दिया गया है।साउथ में इशिनोमाकी है जिसका इंफ्रास्ट्रक्चर लगभग बर्बाद हो गया था। पुल ढह गए थे, सड़कें उखड गई थीं। हादसे के बाद ये शहर आज पहले की तरह गुलज़ार है और जिसकी वजह से दुनिया में जापान की हिम्मत की मिसालें दी जा रही हैं। नदी की लहरें मलबे के साथ शहर में उस वक़्त मौजूद गाड़ियां और खंभे तक अपने साथ बहा ले गई थी। एक मंदिर जो इस शहर की आस्था का बड़ा केंद्र है उस के अलावा लगभग पूरा शहर ही ज़मीदोज़ हो गया था ।

लोगों  का मानना है की ये चमत्कार ही है कि मंदिर जस का तस खड़ा रहा।

इस हादसे में  फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट ने आग में घी का काम किया। यहाँ से निकली रेडिएशन की वजह से लोगों को अपना घर बार छोड़ना पड़ा। घर बिखर गए खेत बर्बाद हो गए ।बस एक चीज़  जिसे इतना बड़ा हादसा भी नहीं डिगा पाया वो थी जापान के लोगों की हिम्मत।

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