जानिए कैसे सोशल डिस्टेंसिंग टूटते ही रेलवे में ये इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बजा देगी अलार्म

गोरखपुर: गोरखपुर रेलवे वर्कशॉप ने कोरोना से दो-दो हाथ करने की तैयारी कर ली है। वर्कशॉप ने जहां कोरोना से बचने के लिए गेट पर थर्मल स्कैनर कैमरा लगाया है। वहीं, दूसरी ओर एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो सोशल डिस्टेंसिंग टूटते अलर्ट कर देगा और अलार्म बज जाएगा। यह बात सुन थोड़ी हैरानी जरूर होगी लेकिन सच है। वर्कशॉप प्रशासन अपने कर्मचारियों को एक ऐसा पॉकेट डिवाइस देने जा रहा है जो दो लोगों के बीच छह फीट की दूरी कम होते ही अलर्ट कर देगी और अलार्म बजने लगेगा। इससे कर्मचारी खुद तो अलर्ट होगा ही साथ ही अधिकारियों को भी पता चल जाएगा कि कहीं प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो रहा है। अनुज मिश्रा के नेतृत्व वाली टीम ने इस डिवाइस को बनाने में सफलता हासिल की है।

यह डिवाइस दूरी और सेंसर आधारित है। मसलन दो डिवाइस जब सोशल डिस्टेंसिंग के मानक छह फीट से कम दूरी पर होंगे इसमें अलार्म बजने लगेगा। इससे कर्मचारी समझ जाएगा कि जाने-अनजाने उससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। इस डिवाइस के पहनने के पश्चात यदि कोई कर्मचारी किसी दूसरे कर्मचारी से 6 फिट से कम दूरी पर आता है तो इसमें लगा अलार्म बजने लगता है और कर्मचारी को अलर्ट कर देता है।

रेलवे वर्कशॉप में 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ पूरी तरह से काम शुरू हो गया है। पूरे रेलवे में कर्मचारियों की संख्या सबसे अधिक वर्कशॉप में ही है। ऐसे में यहां सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। काम की व्यवस्तता में कर्मचारी जाने-अनजाने सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ देंगे इस डर से वर्कशॉप ने अनोखी डिवाइस बनाई है। यह डिवाइस घड़ी के आकार होगा। इसे कर्मचारी पहन भी सकते हैं और जेब में भी रख सकते हैं। काम करने के दौरान अगर कहीं दो लोगों के बीच की दूरी छह फीट से कम हुई वैसे ही अलार्म बज जाएगा।

डिवाइस ब्लूटूथ और प्रॉक्सीमिटी सेंसर के आधार पर काम करेगा। डिवाइस में एक ब्लूटूथ, प्रॉक्सीमिटी सेंसर, रिकार्डिंग चिप, अलार्म और चार्जेबल बैट्री होगी। प्रॉक्सीमिटी सेंटर डिस्टेंस को रीड करेगा ब्लूटूथ से डिवाइस आपस में जुड़ जाएंगी। छह फीट से जैसे ही दो डिवाइस आएंगी अलार्म बज जाएगा। अलार्म को चार मीटर दूर तक खड़े लोग सुन सकेंगे। एक बार चार्ज करने के बाद बैट्री तीन दिन तक चलेगी।

डिवाइस की खूबी है कि कौन कर्मचारी कितने पर पास आए कितनी तारीख और कितने बजे आए यह सब पता चल जाएगा। जो डिवाइस कर्मचारियों को दी जाएगी, उसमें कर्मचारियों को कोड फीड किया जाएगा। ऐसे में कर्मचारी की गतिविधि उसमें दर्ज होती रहेगी।

डिस्टेंसिंग टूटने पर अफसरों के पास भी अलर्ट जाएगा ताकि वे जान सकें कि कहीं न कहीं सोशल डिस्टेंसिंग टूट रही है। इससे कर्मचारियों में भय बना रहेगा कि अगर प्रोटोकॉल तोड़ा तो अफसर को पता चल जाएगा।

वर्कशॉप में सर्वाधिक 5150 कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि कोरोना को देखते हुए रोस्टरवार 50 फीसदी कर्मचारी रोजाना आ रहे हैं। ऐसे में रोजाना 2500 कर्मचारी काम कर रहे हैं। एक-एक शॉप में 60 से 70 कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में काम की व्यस्तता में कहीं चूक न हो जाए इसके लिए डिवाइस तैयार कराई गई है। गेट पर थर्मल स्कैनर कैमरा, सैनीटाइजर, बिना मास्क के प्रवेश नहीं होगा और आरोग्य सेतु एप अनिवार्य है| सभी शॉप में हैंड कांटेक्ट लेस हाथ धोने की व्यवस्था होनी चाहिए और कर्मचारी को समय-समय पर दोदो मास्क|

कोरोना वायरस से कर्मचारी का सेफ करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए अनुज मिश्रा के नेतृत्व में यंत्रालय की एक टीम ने इलेक्ट्रानिक डिवाइस विकसित की है। अगर कर्मचारी दो या उससे अधिक कर्मचारी छह फीट से कम की दूरी पर आ जाते हैं तो अलार्म बज जाएगा। यह डिवाइस कोरोना वायरस से बचाव के लिए कारगर साबित होगा।

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