देव आनंद के जन्मदिन पर जानिये उनसे जुड़े कुछ यादगार किस्से

एवरग्रीन सुपरस्टार देव आनंद आज भले ही दुनिया में न हों, लेकिन अपनी बेहतरीन फिल्मों, अलग अंदाज और शानदार एक्टिंग के जरिए वो हमेशा लोगों के बीच जिंदा रहेंगे। देव आनंद 50-60 के दशक के एक दिग्‍गज अभिनेताओं में से एक थे|  हालांकि, देव साहब ने राजनीति में भी अपना हाथ आजमाया था, मगर कुछ खासबात नहीं बनी। देवानंद और उनके भाई विजय आनंद के अलावा निर्माता-निर्देशक वी. शांताराम, जीपी सिप्पी, श्रीराम बोहरा, आइएस जोहर, रामानंद सागर, आत्माराम, शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेंद्र, हेमामालिनी, संजीव कुमार जैसे अनेक सितारे भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी से जुड़ गए।

देव आनंद का जन्म 26 सितंबर 1923 को पंजाब के शंकरगढ़ में हुआ था। जब वह मुंबई आए तो उनके पास मात्र 30 रुपये थे। उन्‍होंने रेलवे स्‍टेशन पर एक सस्‍ता सा कमरा लिया और एक ऑफ‍िस में जॉब भी की। वह ऑफ‍िस में सैनिकों की चिट्ठी उनके परिवार वालों को सुनाते थे। लोग उन्हें देव आनंद के नाम से जानते हैं मगर उनका असली नाम धर्मदेव पिशोरिमल आनंद था।

देव आनंद ने अपने करियर में लगभग 116 फिल्मों में काम किया। उन्हें फिल्म ‘गाइड’ के लिए ‘फिल्म फेयर’ बेस्ट एक्टर के अवार्ड से नवाजा गया था।  भारत सरकार ने भी उन्हें सिनेमा के क्षेत्र में सराहनीय काम के लिए 2001 में पद्मभूषण और 2002 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया। 1946 में आई फिल्म ‘हम एक हैं’ से देव आनंद ने अपनी पहचान बनाई थी। उनकी दमदार एक्टिंग ने उन्हें बाकि हीरो से अलग रखा था। देव आनंद ने ‘पेइंग गेस्ट’, ‘बाजी’, ‘ज्वैल थीफ’, ‘सीआइडी’, ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘अमीर गरीब’, ‘वारंट’, ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ और ‘देस परदेस’ जैसी सुपर हिट फिल्में दीं।

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