जानिए  World Laughter Day का इतिहास एवं हंसी से जुड़ी रोचक बातें

वर्ल्ड लॉफ्टर डे (World Laughter Day) हर साल मई में मनाया जाता है। इसकी तारीख बदलती रहती है क्योंकि मई माह में पड़ने वाले पहले रविवार को इस दिन का आयोजन होता है।

नई दिल्ली: इस वर्ष 2 मई को वर्ल्ड लॉफ्टर डे (World Laughter Day) मनाया जा रहा है। वर्ल्ड लॉफ्टर डे (World Laughter Day) हर साल मई में मनाया जाता है। इसकी तारीख बदलती रहती है क्योंकि मई माह में पड़ने वाले पहले रविवार को इस दिन का आयोजन होता है। कोरोना की दूसरी लहर ने वैसी ही लोगों के चेहरे को बुझा सा दिया है। ऐसे में लॉफ्टर डे के बहाने थोड़ा ही सही पर इन चेहरों को खिलाया जाए।

यहां से हुई Laughter Day की शुरूआत

खुद भी हंसे, साथ ही दूसरों को भी हंसने का मौका दें। अगली स्लाइड्स से जानिए लॉफ्टर डे और हंसी से जुड़ी कुछ रोचक बातें। वर्ल्ड लॉफ्टर डे की शुरुआत भारत से ही हुई है। इसका श्रेय लॉफ्टर योग आंदोलन के संस्थापक डॉ. मदन कटारिया को जाता है। उन्होंने ही 11 जनवरी 1998 को मुंबई में पहली बार वर्ल्ड लॉफ्टर डे मनाया गया था। इसे मनाने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य यह था कि समाज में बढ़ते तनाव को कम करना।

हंसने से शरीर में मेलेटोनिन का उत्पादन होता है

दैनिक दिनचर्या के कारण लोगों के जीवन में हंसने के मौके कम होते जा रहे हैं। ऐसे में 1998 में सोचा गया कि क्यों न ऐसा कुछ किया जाए जिसके बहाने ही लोग एक दूसरे से बात कर थोड़ी देर के लिए ही सही पर हंस लें। यदि आप अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं तो दिन में ज्यादा से ज्यादा हंसने के मौके खोजिए।

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ऐसा करने से आपकी नींद का बंदोबस्त हो जाएगा। हंसने से शरीर में मेलेटोनिन का उत्पादन होता है जो कि दिमाग द्वारा रिलीज होने वाला ऐसा हार्मोन है जो कि अच्छी नींद का प्रबंध करता है। हंसने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है जो कि आज के समय में बहुत जरूरी है।

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