जब कोई बोले आंखों का फड़कना अशुभ होता है, तो उसे ये समझा देना

आंखों का फड़कना असल में सेहत से जुड़ा होता है। सिर्फ आंख ही नहीं शरीर के अन्य हिस्से में भी मांसपेशियां फंडकती हैं। ऐसा तब होता है जब आपकी मांसपेशियां में संकुचन होता है।

नई दिल्ली: बचपन से हमारी रोजमर्रा की चीजों के पीछे कोई न कोई अजीब सा तर्क हमें सुनाया जा रहा है। जैसे कि हिचकी आने का मतलब कोई आपको याद कर रहा है, बिल्ली का रास्ता काटना मतलब अशुभ, आंख फडंकना मतलब कुछ बुरा होने वाला है आदि। लेकिन हकीकत में यह सारी बातें गलत होती हैं। जी हां, बचपन से जैसा आपको बताया जा रहा है, दरअसल असल जिंदगी में ऐसा कुछ भी नहीं होता है। हम आपको बता रहे हैं कि आंख फड़कने के पीछे का सही कारण क्या होता है।

बता दें कि आंखों का फड़कना असल में सेहत से जुड़ा होता है। सिर्फ आंख ही नहीं शरीर के अन्य हिस्से में भी मांसपेशियां फंडकती हैं। ऐसा तब होता है जब आपकी मांसपेशियां में संकुचन होता है।

हमारी मांसपेशियां उन फाइबर्स से बनी होती हैं जिन्हें तंत्रिकाएं नियंत्रित करती हैं। तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचने पर मांसपेशियां फड़कने लगती हैं। वैसे तो शरीर का अंग फंडकना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन अगर ये बार-बार और लंबे वक्त के लिए हो रहा है तो आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।

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आंखों का फड़कना कैसे दूर करें-

अगर आपके साथ भी ये समस्या बार-बार होती है तो आप डॉक्टर से संपर्क करें। लेकिन अगर ऐसी दिक्कत आपको कभी-कभी होती है तो आप अपनी आंखों के ऊपर कागज का एक दम छोटा सा टुकड़ा पानी में भिगोकर छिपका लें। इससे थोड़ी देर बाद आपकी आंख फंड़कना बंद हो जाएगी। आप पानी का छपका भी अपनी आंखों में दे सकते हैं। इस दौरान नॉर्मल टैप वाले पानी का इस्तेमाल करें।

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