हिन्दी दिवस के मौके पर जानिए हिन्दी से उर्दू की क्या है रिश्तेदारी

हम उर्दू और हिन्दी की भाषा में ऐसे मिल गए है। कि हमें उर्दू और हिन्दी में अंतर कर पाना मुश्किल है। दूध और दही की मेल की तरह ये हमे बताता है कि ये दोनों भाषाएं हमारे परिवार का हिस्सा हैं।

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नई दिल्ली: हिन्दी दिवस के मौके पर आज हम आपको बताएंगे कि हिन्दी और उर्दू और में क्या फर्क है। और इसके इतिहास के बारे में भी आपको जानकारी देंगे।

हिन्दी से उर्दू की रिश्तेदारी

हम उर्दू और हिन्दी की भाषा में ऐसे मिल गए है। कि हमें उर्दू और हिन्दी में अंतर कर पाना मुश्किल है। दूध और दही की मेल की तरह ये हमे बताता है कि ये दोनों भाषाएं हमारे परिवार का हिस्सा हैं।

राजभाषा बनने से पहले बिहार में बोली जाती थी उर्दू

देश में हिन्दी के राजभाषा घोषित होने से पहले बिहार राज्य के कार्यालयों में उर्दू का इस्तेमाल होता था। लेकिन देश में सन् 1953 में हिन्दी को राजभाषा घोषित करने के बाद बिहार राज्य ने इसे अपनी आधिकारिक भाषा मान लिया था। जिसके बाद बिहार हिन्दी को आधिकारिक भाषा मानने वाला सबसे पहला राज्य बन गया था।

हिन्दी में अक्सर बोले जाने वाले उर्दू के शब्द

हिन्दी और उर्दू दोनों ऐसी भाषाएं हैं जो एक दूसरे से मिलती जुलती हैं। इन दोनों भाषाओं का इस्तेमाल करने से लोग अक्सर कंफ्यूस हो जाते हैं। हम हिन्दी के शब्द को उर्दू में बोले देते हैं। लेकिन इसको लेकर आपको नहीं पता होता है कि हम हिन्दी शब्द बोले है या उर्दू। इसी को लेकर हम आपको बताएंगे हिन्दी में बोले जाने वाले उर्दू के शब्द।

रिश्ता, हवा, किस्मत, तारीख, किताब, दिल, जहर, दोस्त, शुक्रिया, खबर, अगर, अजीब, अफसोस, किताब, जिंदगी, जुर्माना समेत कई और ऐसे शब्द है जिन्हे हम अपने दिनचर्या में इस्तेमाल करते हैं।

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