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जानिए क्या है Green tax और क्या होगा इस का आप पर असर

नई दिल्ली : हाल में मिनिस्ट्री ऑफ़ ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक आज देश की सड़कों पर चार करोड़ ऐसी गाड़ियां फर्राटे भर रही है जो Green tax के दायरे में आते हैं। आप की जानकारी के किये बताते चलें की इस Green tax स्लैब में वह गाड़ियां आएँगी जो एक  दशक से ज़्यादा पुरानी होंगी। इन चार करोड़ में 70 लाख के करीब पुराने वाहन तो अकेले कर्नाटका ही में हैं। हालाँकि इस लिस्ट में आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, और लक्ष्यद्वीप का डेटा नहीं हैं।

सबसे ज़्यादा Green tax वसूला जाएगा कर्नाटक और यूपी से

56.54 लाख पुराने वाहनों के साथ इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है उत्तर प्रदेश। देश की राजधानी दिल्ली 49.93 लाख पुराने वाहनों के साथ तीसरे नंबर पर है। इस लिस्ट के अनुसार केरल में लगभग 34 लाख, तमिलनाडु में 33 लाख , पंजाब में 25 , पश्चिम बंगाल में 22 और महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा में ऐसे वाहनों की संख्या 17.58 लाख से 12.29 लाख के बीच हैं जो इस टैक्स स्लैब में आते हैं।

वहीं, झारखंड, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, पुदुचेरी, असम, बिहार, गोवा, त्रिपुरा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव में ऐसे वाहनों की संख्या 1 से 5 लाख के बीच है। सेंट्रल डेटा के मुताबिक, बाकी राज्यों में ऐसे वाहनों की संख्या 1 लाख से भी कम है।

नितिन गडकरी  ने इस साल जनवरी में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्‍स लगाने का प्रस्ताव किया था। मौजूदा समय में कुछ राज्यों/शासित प्रदेशों की ओर से कई दरों के आधार पर ग्रीन टैक्‍स लगाया जा रहा है। इस में गाड़ी की ऐज के मुताबिक 8 से 50 परसेंट तक टैक्स वसूला जाना है।

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