जानिए कहाँ और क्यों खोला गया Transgender शौचालय ?

सफाई में किन्नरों की भी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वाराणसी प्रशासन ने कामाक्षा इलाके में प्रदेश के पहले Transgender शौचालय का निर्माण कराया है।

वाराणसी: महिला पुरुष शौचालय तो आपने बहुत देखा होगा लेकिन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में किन्नरों ( Transgender ) को एक बड़ी सौगात दी गई है। शहर की सफाई में किन्नरों की भी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वाराणसी प्रशासन ने कामाक्षा इलाके में प्रदेश के पहले Transgender शौचालय का निर्माण कराया है।

वाराणसी में जो शौचालय बन कर तैयार हुआ है वह काबिले तारीफ है, क्योकि यह प्रदेश का पहला Transgender शौचालय है। इस शौचालय का उद्घाटन वाराणसी की महापौर मृदुला जायसवाल ने गुरुवार को किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा यह प्रदेश का पहला Transgender शौचालय है और जहाँ भी ज़रुरत होगी हम ऐसे शौचालय का निर्माण करेंगे। आपको बतादे कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था कि ट्रांसजेंडरों के लिए भी शौचालय का निर्माण होना चाहिए।

आगामी महीनों में और भी शौचालय होंगे तैयार

वाराणसी के नगर आयुक्त गौरांग राठी ने कहा, “ये शौचालय केवल थर्ड जेंडर ( किन्नर ) के लिए हैं और इसमें बाकी दसूरे जेंडर्स का जाना निषेध है। हमने इसे बनाया है क्योकि यह लंबे समय से प्रतीक्षित मांग थी, किन्नरों को शौच के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा हमारी योजना अगले दो से तीन महीने में 4 और ऐसे शौचालयों के निर्माण की है।

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लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी देश में अभी तक सिर्फ मैसूर, भोपाल और नागपुर जैसे शहरों में ही ऐसे शौचालयों का निर्माण हो पाया है। Transgenders के शौचालयों को लेकर सरकार ने अभी तक कोई खास ध्यान नहीं दिया है। जिसकी वजह 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी देश में गिने चुने शौचालय ही बन पाए है।

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