जानिए कौन हैं Kadambini Ganguly, गूगल ने क्यो बनाया है इनका डूडल

आज भारत की पहली स्नातक और फिजीशियन महिला Kadambini Ganguly का 160वां जन्म दिवस है। इस अवसर पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है और सम्मान जताया है।

लखनऊ: आज भारत की पहली स्नातक और फिजीशियन महिला कादम्बिनी गांगुली (Kadambini Ganguly) का 160वां जन्म दिवस है। इस अवसर पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है और सम्मान जताया है। खास बात है कि इस डूडल का चित्रण बंगलूरू के कलाकार ओड्रिजा ने किया है। कि डॉ. कादंबिनी गांगुली एक डॉक्टर के अलावा एक मुखर कार्यकर्ता और एक स्वतंत्रता सेनानी भी थीं। उन्होने अपनी चिकित्सक प्रशिक्षण यूरोपियन मेडिसिन में लिया था।

गूगल डूडल बनाने का विशेश कारण

आपको बता दें, उन्होने खदानों में काम करने वाली महिलाओं की खराब स्थिति पर भी काफ़ी कार्य किया था। बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय की रचनाओं से कादम्बिनी बहुत प्रभावित थीं। उनमें देशभक्ति की भावना बंकिमचन्द्र की रचनाओं से ही जाग्रत हुई थी। खदानों में काम करने वाली महिलाओं की खराब स्थिति पर भी काफ़ी कार्य किया था।

कादंबिनी गांगुली
कादंबिनी गांगुली

डॉ. गांगुली के पिता भारत के पहले महिला अधिकार संगठन के सह-संस्थापक थे, जिन्होंने गांगुली को तब स्कूल भेजा जब भारतीय समाज में महिलाओं की शिक्षा को महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था। गांगुली और उनकी साथी चंद्रमुखी बसुइन वर्ष 1883 में भारतीय इतिहास में स्नातक करने वाली पहली महिला बनीं। इसके बाद उन्होंने प्रोफेसर और कार्यकर्ता द्वारकानाथ गांगुली से शादी कर ली।

Kadambini Ganguly ने रचा इतिहास

उनके पति ने उन्हें मेडिकल में डिग्री प्राप्त करने के लिए काफी प्रोत्साहन दिया था। वर्ष 1889 में उन्होनें कांग्रेस मद्रास अधिवेशन में भाग लिया और भाषण दिया। संस्था के उस समय तक के इतिहास में भाषण देने वाली कादम्बिनी पहली महिला थीं। वर्ष 1906 में कोलकाता कांग्रेस के अवसर पर आयोजित महिला सम्मेलन की अध्यक्षता भी कादम्बिनी जी ने ही की थी।

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महात्मा गांधी उस वक्त अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध सत्या चला रहे थे। कादम्बिनी ने उस आन्दोलन की सहायता के लिए कोलकाता में चन्दा जमा किया। वर्ष 1914 में जब गाँधी जी कोलकाता आये तो उनके सम्मान में आयोजित सभा की अध्यक्षता भी कादम्बिनी ने ही की थी।

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