जानिए कौन हैं केजरीवाल के राजेंद्र कुमार और क्या हैं आरोप

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नई दिल्ली। मंगलवार को सुबह-सुबह सीबीआई ने दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के ऑफिस में छापा मारा। सीबीआई को इस छापेमारी में दस लाख रुपये नकद और तीन बेनामी संपत्ति हाथ लगी हैं। खबर यह भी है कि राजेंद्र कुमार की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। अगर सूत्रों की माने तो ढाई घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन राजेंद्र कुमार के ऑफिस और घर पर सीबीआई की छापेमारी जारी है।

कौन हैं राजेंद्र कुमार
दिल्ली सीएम के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सीएम केजरीवाल ने राजेन्द्र कुमार को अपने 49 दिन के पहले कार्यकाल के दौरान भी प्रधान सचिव बनाया था। राजेंद्र कुमार अरविंद केजरीवाल के कितने करीब हैं इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इसी साल दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने मुख्य सचिव अनिंदो मजुमदार के ऑफिस में ताला डालकर उसे सील कर दिया था और दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर की अनदेखी करते हुए राजेन्द्र कुमार को अपना प्रधान सचिव बनाया था।

महत्वपूर्ण विभाग में रहे तैनात
राजेन्द्र कुमार दिल्ली सरकार में परिवहन और माध्यमिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग में रह चुके हैं। दिल्ली में ऊर्जा सचिव रहते हुए उन्होंने बिजली कंपनियों की मनमानी रोकने को लेकर कई कदम उठाया था। सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री एक्सलेंसी अवार्ड भी मिल चुका है।

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बन चुके हैं आरोपी
वहीं राजेन्द्र कुमार की गिनती ईमानदार अधिकारियों के रूप में होती है तो दूसरी तरफ वह सीएनजी फिटनेस घोटाले के आरोप से घिरे हैं। दिल्ली में भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (एसीबी) कमर्शियल वाहनों के लिए फिटनेस टेस्ट के दौरान कथित अनियमितता के मामले में आईएएस राजेंद्र कुमार से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। दिलचस्प है कि जिस अधिकारी एमके मीणा को निगरानी विभाग का प्रमुख बनने से केजरीवाल ने रोकने की भरपूर कोशिश की थी, उसी अधिकारी ने राजेंद्र कुमार से पूछताछ की थी। बताया जा रहा है कि उनसे इस बारे में पूछताछ हुई है कि उन्होंने सीएनजी फिटनेस घोटाला मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की थी। कहा जा रहा है कि परिवहन सचिव रहते राजेंद्र कुमार ने कार्रवाई नहीं की थी। खबर है कि दस फरवरी 2012 में कुमार पर सात शिकायतें दर्ज थीं।

क्या है सीएनजी फिटनेस घोटाला?
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में सीएनजी किट लगाने के लिए दो कंपनियों को ठेका दिया गया था। आरोप है कि इसमें 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान दिल्ली सरकार को उठाना पड़ा था।

किट लगाने में हुआ था खेल
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के समय सीएनजी किट लगाने ठेका एक कंपनी को दिया गया था। इसमें कई खामियां मिलीं थी। बिना टेंडर का ठेका दिया गया था। इसमें खर्च सरकार कर रही थी और आमदनी कंपनी ले रही थी। फर्जी फिटनेस टेस्ट करके पैसा लिया जा रहा था। जांच में पाया गया कि 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान दिल्ली सरकार को उठाना पड़ा था।

पटना के रहने वाले हैं राजेंद्र कुमार
अरविंद केजरीवाल के प्रिय नौकरशाह राजेन्द्र कुमार मूलत: पटना के रहने वाले हैं। 48 साल के राजेन्द्र कुमार दिल्ली आईआईटी से बीटेक हैं। राजेन्द्र कुमार झारखंड के नेतरहाट विद्यालय में वर्ष 1979 से लेकर 1984 तक पढ़ाई की है।

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