जानिए कौन हैं मुंबई में ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर लहराने वालीं महक मिर्जा प्रभु

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार रात को हुई हिंसा के विरोध में देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर भी प्रदर्शनकारी जुटे। हालांकि यह प्रदर्शन तो जेएनयू हिंसा के विरोध में था, लेकिन इस दौरान फ्री कश्मीर लिखे पोस्टर भी देखे गए।प्र दर्शन के दौरान जो तस्वीरें सामने आई उसमें देखा गया की कैसे एक महिला पोस्टर में लिखे फ्री कश्मीर को लेकर खड़ी है। विवाद के बाद महक ने कहा है कि इस इस पोस्टर का मकसद कश्मीर में इंटरनेट पर लगाई पांबदी के खिलाफ प्रदर्शन था और कुछ नहीं, ऐसे में इसका गलत मतलब ना निकालें। महक की सफाई के बावजूद इस पर सियासत गर्माई हुई है।

वीडियो जारी कर महक ने बताया है कि उन्होंने गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन के दौरान एक पोस्टर उठाया था। यह पोस्टर वहां ही पड़ा था। महक ने कहा, ‘मैं मंगलवार 6 जनवरी को लोकतंत्र में विश्वास करने वाले लोगों की तरह ही गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए गई थी। इस दौरान मुझे एक पोस्टर पड़ा मिला। जिसमें फ्री कश्मीर लिखा था। मैंने इसे सिर्फ इसलिए उठाया था क्योंकि मैं कश्मीर में इंटरनेट और मोबाइल सेवा बहाल करने की बात कहना चाह रही थी। वहां लोगों को मूलभूत संवैधानिक अधिकारों से लोगों को वंचित किया जा रहा है।

आइए, जानिए कौन हैं महक मिर्जा प्रभु। महक का पूरा नाम महक मिर्जा प्रभु है। 1982 में जन्मी महक मुंबई की रहने वाली हैं। महक एक कहानीकार (स्टोरीटेलर) हैं। महक ब्लॉगर और लेखक भी हैं। 2018 में महक का वीडियो ‘अम्मी का मोबाइल फोन’ भी सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया था। महक एक स्टोरी टेलिंग का ऑनलाइन स्कूल चलाती हैं, जिसका नाम झुमरीतिलैया है। इसके साथ ही महक टेड टॉक्स पर भी नजर आ चुकी हैं।

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