जानिए क्यों Turkey में नहीं टिकते बैंक चीफ ,छोड़नी पड़ जाती है नौकरी

अंकारा : Turkey की लीरा डाउन है। वजह हैं देश के राष्ट्रपति जिनकी हाँ में हाँ न मिलाने की वजह से पिछले दो सालों में अब तक Turkey के तीन सेंट्रल बैंक चीफ बदले जा चुके हैं। राष्ट्रपति के इस फैसले से जहाँ देश में महंगाई बढ़ी है वही तुर्की की करेंसी लीरा में बड़ी गिरावट भी देखी गई है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा कि सरकार के इस तरह के फैसलों से एक्सचेंज रेट पर दबाव बढ़ता है और ये देश की इंस्टीटूशनल कमज़ोरी को भी दिखता है।

असल में पूरा मसला ये है कि पिछले वीक में एर्दोगन ने सेंट्रल बैंक चीफ Naci Agbal को बर्खास्त कर दिया, जिन्होंने नवंबर में नियुक्त होने के बाद से निवेशकों को बढ़िए इंट्रेस्ट रेट देकर उनका भरोसा जीता था जिससे महंगाई से परेशान इस देश की करेंसी थोड़ी मज़बूत हुई थी।

आमतौर पर, हाई इंट्रेस्ट दरें करेंसी को करती हैं बेहतर

सेंट्रल बैंक चीफ़ की दलील थी की बढ़िए इंट्रेस्ट रेट से नए इन्वेस्टर आएंगे जिस से करेंसी मज़बूत होगी। और ऐसा हुआ भी। पर राष्ट्रपति कुछ और ही सोचे बैठे थे ,उनका मानना था की तुर्की की दर्दनाक महंगाई से निपटने के लिए हाई इंट्रेस्ट रेट के मुकाबले लो इंट्रेस्ट रेट ज़्यादा बेहतर हैं। दोनों के इस सोच के फर्क का खामियाज़ा यह हुआ की बैंक चीफ को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इसी मसले पर ऑक्सफ़ोर्ड इकोनॉमिक्स के माया सेनुसी ने कहा कि हायर रेट महंगाई से लड़ने में करेंसी की मदद तो करते हैं लेकिन ये कंपनीज की लागत को भी बढ़ा देते हैं। जिसका सीधा असर किसी भी देश की इकॉनमी पर पड़ता है।

फाइनेंस मिनिस्टर के भरोसे से हुआ थोड़ा सुधार

डॉलर के मुकाबले लीरा मंडे को 7.9 के करीब ट्रेड कर रही थी जो पिछले हफ्ते के मुकाबले10 % डाउन है। सोमवार को भी यह 8.4 डॉलर प्रति डॉलर तक लुढ़क गया था,लेकिन जब फाइनेंस मिनिस्टर ने भरोसा दिलाया की तुर्की एक फ्री मार्किट और लिबरल करेंसी एक्सचेंज रेजीम बना रहेगा तब जाकर इस में थोड़ा सुधार हुआ।

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