Alibaba के पीछे हाथ धोकर पड़े चीन ने कंपनी पर लगाया 20,500 करोड़ का जुर्माना

बीजिंग : चीनी हुकूमत को आईना दिखाने की गलती जैक मा को काफी महंगी पड़ती जा रही है । एंटी ट्रस्ट कानून में लपेटे जाने के बाद अब चीनी सरकार ने एंटी-मोनोपोली लॉ के इन्फ्रिंजमेंट के इल्ज़ाम में  कभी दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी रही  Alibaba पर 18 अरब युआन यानी 20,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा का जुर्माना ठोक दिया है।

चीन के मार्केट रेगुलेटर  SAMR ने जारी अपने बयान में कहा की अलीबाबा होल्डिंग्स को एंटी-मोनोपोली लॉ के उल्लंघन में कसूरवार पाया गया है। आप को बताते चलें कि हाल ही में चीन की सरकार ने अलीबाबा पर आरोप लगाया था कि जैक मा की कंपनी ने मार्केट की अपनी सुप्रीमेसी  का इस्तेमाल करके चीन के बाजार में अपना एकाधिकार जमाया और इसका गलत फायदा उठाया है। जिस के बाद कंपनी पर यह कार्यवाही की गई

आपको बता दें कि अलाबाबा और एंट ग्रुप (Ant Group) के साथ-साथ  जैक मा की और दूसरी कंपनियों के खिलाफ एंटी-ट्रस्ट कानून के तहत SAMR ने दिसंबर 2020 में जांच शुरू की थी और अब कंपनी को इसका दोषी पाया गया है।

Alibaba ने मान ली है गलती

SAMR ने दिए अपने बयान में कहा कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाले मर्चेंन्ट्स को दूसरे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर जाने से रोकती थी, जो चीन की फ्री ट्रेड पॉलिसी का उल्लंघन है। जानकारों की माने तो अलीबाबा ने अपना गलती मान SAMR के फैसले को स्वीकार कर लिया है।

दरअसल, अलीबाबा ग्रुप के फाउंडर जैक मा ने अक्टूबर, 2020 में शंघाई में एक भाषण दिया था जिसमे उन्होंने देश के फाइनेंशियल रेगुलेटर्स और स्टेट ओन्ड  बैंकों की कड़ी आलोचना करते हुए बैंकिंग रेगुलेशन को बूढ़े लोगों का क्लब बताया था। जैक मा की यह आलोचना चीन की जिनपिंग सरकार को बड़ी नागवार गुजरी।और इसी के एक महीने बाद  नवंबर, 2020 में जैक मा के एंट ग्रुप के 37 बिलियन डॉलर के आईपीओ को सस्पेंड कर दिया गया। तब से चीन की सरकार जैक मा पर शिकंजा कसती रही है। जानकारों की माने तो इस से जैक की कंपनियों को भारी घाटा हुआ है। आप की जानकारी के लिए बताते चलें की इस वाक़ये के बाद  नवंबर से अब तक कंपनी के शेयर वैल्यू 30% से ज़्यादा गिर चुकी हैं।

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