IPL
IPL

जानिए क्यों कभी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जन्नत रहा china आज है इन्वेस्टर्स के लिए नर्क

बीजिंग : दूर के ढोल सुहाने होते हैं। कभी इन्वेस्टर्स की पहली पसंद और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जन्नत कहे जाने वाले china पर अब यह कहावत सच होती दिख रही है। चीन में हालात अब ऐसे हैं की अगर किसी कंपनीज को यहाँ बिज़नेस करना है तो उन्हें जिनपिंग सरकार की जाएज़ नाजायज़ हर बात को मानना होगा। क्यूंकि अगर सरकार के खिलाफ चूं भी की तो बोरिया-बिस्तर बंधना तय है।

सरकार के इस खौफ की वजह है हाल में लाया गया एंटी ट्रस्ट कानून जिसने इन्वेस्टर्स को मजबूर कर दिया है कि या तो वह चीन की सरकार के सामने घुटने टेक दें या फिर जान बचाने के लिए चीन से भाग जाएं या कहीं छुप जाएं। चीन में करोड़ों का इन्वेस्ट करने वाले इस वक़्त काफी पोलिटिकल प्रेशर में हैं जिसकी वजह से वह अपना मुंह बंद कर सरकार के इशारे पर काम करने को मजबूर हैं।

china इलेक्शन के तरीकों में भी कर रहा है बदलाव

इन्वेस्टर्स पर नकेल कसने के बाद चीन ने बगावत पर उतरे हांगकांग पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिसके बाद चीन यहां के इलेक्शन के नियमों में भी बदलाव करने जा रहा है। इन बदलावों को पैट्रियोटिक प्लान यानी देशभक्ति योजना नाम दिया गया है । इस पर चीन का कहना है कि उसका मकसद हॉगकॉग की पॉलिटिक्स में देशभक्तों को आगे बढ़ाना और गैर नॅशनलिस्ट्स को दूर करना है।

वहीं, क्रिटिक्स का मानना है कि यह एंटी-ट्रस्ट और पेट्रियोटिक प्लान तो सिर्फ एक छलावा है। इसके पीछे चीन का असल मकसद ऑपोज़िशन का पूरी तरह सफाया करना है।

यह भी पड़ें : क्या $ 2 Billion के इस कैपिटल इंजेक्शन से सुधर जाएगी इन बैंकों की सेहत ?

Related Articles

Back to top button