जानिए क्यों Dogs के शमशान में होगा इंसान का आखरी संस्कार !

नई दिल्ली : मंगल पर घर बसाने के ख़्वाब देखने वाली दुनिया आज बेबस है। लोग सांसो को तरस रहे हैं। अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की भयंकर किल्लत है। वायरस का असर दिन बा दिन बढ़ता जा रहा है। तमाम सख्तियां, तमाम बंदिशें लगाने के बावजूद देश का दिल दिल्ली इंफेक्शन की घातक बढ़ोतरी का सामना कर रही है।

बेतहाशा होती मौतों से शमशान के बाहर शवों की लाइन लगी है और अंदर चिंताओं की। इस कड़ी में एक बेहद ग़मज़दा करने वाली खबर आई है। इंडिया टुडे के मुताबिक, इन हालात के बीच, द्वारका सेक्टर 29 में Dogs के एक श्मशान को इंसानों का शमशान घाट बनाने की तैयारी चल रही है।

Dog के शमशान, पार्क और पार्किंग स्पॉट्स तक में टेम्पररी क्रेमाटोरियम ब्लॉक बनाए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक साउथ दिल्ली नगर निगम के अंडर आने वाले कुत्तों के श्मशान के तौर बनाई गई एक परियोजना पर इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए पक्के ब्लॉक बनाए जा रहे हैं।

मीडिया को दिये अफसरों के बयान के अनुसार, द्वारका सेक्टर 29 में तीन एकड़ के कुत्तों के श्मशान स्थल का निर्माण छह महीने पहले किया गया था, लेकिन अभी तक इसकी शुरुआत नहीं हो पाई है। अब कुत्तों के श्मशान के तौर बनाई गई इस परियोजना पर इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए पक्के ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इस कड़ी में जानकारों के मुताबिक दिल्ली में अब अंतिम संस्कार के लिए श्मशान आने वाले शवों में में रोज़ाना बढ़ोतरी हो रही है। आकड़ों के मुताबिक मौजूदा वक़्त में, दिल्ली में रोज़ाना औसतन 800 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। बिगड़ते हालात के मद्देनज़र इसके हज़ार से ऊपर जाने की उम्मीद है।

तेज़ी से बढ़ते इन आकड़ों के मद्देनज़र अंतिम संस्कार के लिए पार्क और पार्किंग स्पॉट्स तक में टेम्पररी क्रेमाटोरियम ब्लॉक बनाए गए हैं। इसके अलावा, अंतिम संस्कार के लिए यमुना के घाटों पर भी क्रेमाटोरियम ब्लॉक को तैयार किया जा रहा है।

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