जानिये नेपाल से सटे भारत के इन जिलों में क्‍यों बढ़ाई गई सुरक्षा

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गोरखपुर: गणतंत्र दिवस को देखते हुए नेपाल से लगने वाली सीमा पर गश्त बढ़ दी गई है। एडीजी दावा शेरपा ने नेपाल सीमा से लगने वाले जिलों के पुलिस कप्तानों को पत्र लिखकर सीमाई इलाके में लगातार गश्त करने और सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी से तालमेल बिठाकर निगहबानी करने का निर्देश दिया है। दोनों देशों को जोडऩे वाले पगडंडी रास्तों पर खासतौर से नजर रखने का निर्देश दिया है।

जोन के छह जिलों कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले की सीमा नेपाल से लगती है। दोनों देशों के बीच आवाजाही के लिए अधिकृत रास्ते निर्धारित हैं| इसके लिए उन्होंने अपनी सुविधानुसार पगडंडी रास्ते बना रखे हैं। आपराधिक या आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले तत्व पगडंडी रास्तों का ही इस्तेमाल कर ही देश की सीमा में प्रवेश करते हैं। इसको देखते हुए एडीजी जोन ने 26 जनवरी के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है।

उन्होंने पगडंडी रास्तों के साथ ही सीमाई इलाके में संदिग्ध नजर आने वालों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है। वैसे 22 दिसंबर को सिलीगुड़ी में देखे गए दो आतंकियों के कुशीनगर, महराजगंज या सिद्धार्थनगर जिले से होकर नेपाल भागने की खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सीमा पर पहले से ही चौकसी बरती जा रही है। एडीजी जोन ने इसे और बढ़ाने का निर्देश दिया है। 1751 किमी लंबी है भारत से लगने वाली नेपाल की सीमा| 300 किमी के करीब सीमा गोरखपुर जोन से जुड़ी है|

104 पगडंडिया महराजगंज में की गई हैं चिह्नितनेपाल सीमा पर पहले से ही चौकसी बरती जा रही है। गणतंत्र दिवस को देखते हुए इसे और बढ़ा दिया गया है। किसी भी अवांछित तत्व को खुली सीमा का दुरपयोग नहीं करने दिया जाएगा।

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