सावधान: क्या आप भी दर्द से छुटकारा पाने के लिए करते हैं Paracetamol का इस्तेमाल?

पैरासिटामोल (Paracetamol) एक पेन किलर मेडिसिन है जिसको दर्द से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही शरीर का तापमान कम करने के लिए भी पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जाता है।

नई दिल्ली: अधिकतर लोग ऐसे हैं जिनको हर दर्द की दवा का इलाज सिर्फ पैरासिटामोल (Paracetamol)  ही लगता है। वो इस दवा को अपनी लाइफ समझ लेते हैं। सिर्फ अपने लिए ही नहीं परिवार के अन्य सदस्य को भी वो पैरासिटामोल लेने की ही सलाह देते हैं। जबकि ऐसा करना आपके लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है।

आपको बता दें कि पैरासिटामोल (Paracetamol ) एक पेन किलर मेडिसिन है जिसको दर्द से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही शरीर का तापमान कम करने के लिए भी पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जाता है।

लिवर को खतरा

लेकिन नेशनल हेल्थ सर्विस (इंग्लैंड) की मानें तो ये दवा आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। एनएहएस की मानें तो इसके हेपाटोटॉक्सिक डोज के निगलने से कुछ ही घंटों में उल्टी या जी मिचलाने जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।  बता दें कि हेपाटोटॉक्सिक एक मेडिकल टर्म है जिसमें ओवरडोज से होने वाले कॉम्प्लीकेशन से लिवर डैमेज हो सकता है।

बच्चों के लिए भी है खतरा

साल 2008 में की गई एक स्टडी में सामने आया था कि 6 से 7 साल की उम्र वाले बच्चों को पेरासीटामोल (Paracetamol) देने से उनके शरीर में अस्थमा के लक्षणों को बढ़ावा मिलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी मानना है कि बच्चों को 101।3 °F बुखार होने पर ही पैरासीटामॉल देनी चाहिए।

यह भी पढें: लगातार सातवें दिन स्थिर रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए क्या है दाम

प्रेग्नेंसी में आ सकती है दिक्कत

गर्भवती महिलाओं को भी पैरासिटामोल खाने से बचना चाहिए। दरअसल इसे खाने से गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है। इसके लगातार सेवन से बच्चे के विकास में रुकावट हो सकती है। नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार गर्भवती को बिना डॉक्टर की सलाह के पेरासिटामोल नहीं लेनी चाहिए।

यह भी पढें: UGC NET Exam के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानिए कब तक करें अप्लाई

Related Articles

Back to top button