जानें राज्यसभा में क्यों रोने लगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद के कार्यकाल पूरा हो जाने पर बोलते हुए भावुक हो गए। PM मोदी ने कहा कि विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कभी नेता विपक्ष के रूप में केवल अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश नहीं की बल्कि उन्होंने अपने दल के साथ साथ देश और सदन की भी चिंता की। बता दें कि गुलाम नबी आजाद समेत कई सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

चार लोगों को दी गई विदाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में सांसदों के कार्यकाल ससमाप्त होने पर उनको विदाई दी। कार्यकाल समाप्त होने वाले सांसदों में गुलाम नबी आजाद के साथ साथ जम्मू कश्मीर से राज्यसभा में सदस्य मीर फय्याज, शमशेर सिंह मन्हास और नजीर अहमद शामिल हैं। बता दें कि गुलाम नबी आजाद और नजीर अहमद का कार्यकाल 15 फरवरी को पूर  हो रहा है। जबकि शमशेर सिंह मन्हास और मीर फय्याज का कार्यकाल 10 फरवरी को समाप्त हो जाएगा।

गुलाम नबी पर बोले PM मोदी

राज्यसभा में विदाई समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलाम नबी आजाद पर बोलते हुए कहा कि गुलाम नबी आजाद अपने दायित्व के प्रति बहुत सजग थे और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। ऐसा लगता है कि उनके उत्तराधिकारी के लिए उनकी जगह लेना बहुत कठिन होगा।

विदाई पर भावुक हुए प्रधानमंत्री
विदाई पर भावुक हुए प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बोलते हुए कहा कि आजाद ने नेता विपक्ष के रूप में कभी अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश नहीं की और अपने दल के साथ साथ देश और सदन की भी चिंता की। मोदी ने कहा कि आजाद के सत्ता और विपक्ष के 28 वर्षों के अनुभव से सबको बहुत कुछ सीखने को मिला है और उनकी कमी सदन को हमेशा खलेगी।

विदाई पर भावुक हुए प्रधानमंत्री

राज्यसभा में सांसदों के विदाई संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए। PM मोदी एक हमले में कुछ लोगों की मौत होने के समय गुलाम नबी आजाद की एकजुटता का उल्लेख करते हुए वह बहुत भावुक हो गए और कहा कि आजाद ने उस समय परिवार के सदस्य की तरह चिंता व्यक्त की।

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