जानिए क्यों SEBI ने ठोका यस बैंक पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना !

मुंबई : अपने कस्टमर्स को अंधेरे में रखकर एडिशनल टियर 1 बॉन्ड (AT1 Bonds) बेचने के मामले में मार्केट रेगुलेटर SEBI ने यस बैंक पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी ने यस बैंक को जुर्माने की राशि 45 दिनों के अंदर जमा कराने का हुक्म दिया है।

जानकारों की माने तो एडिशनल टियर 1 बॉन्ड को सुपर एफडी बताकर यस बैंक के एग्जीक्यूटिव्स ने इसे इन्वेस्टर्स को बेचा था और उनसे कहा था कि इस पर उन्हें 9% से ज़्यादा रिटर्न मिलेगा। मुनाफे का तो बता दिया लेकिन बैंक के एग्जीक्यूटिव्स ने इस बॉन्ड से जुड़े रिस्क के बारे में इन्वेस्टर्स को नहीं बताया था। फिर जब बैंक की हालत खराब हुई तो रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम के अंडर यस बैंक ने 8415 करोड़ रुपये के एडिशनल टियर बॉन्ड्स को राइट-ऑफ कर दिया, जिसके बाद इसमें लगा इन्वेस्टर्स का सारा पैसा डूब गया।

आपको बता दें कि इस मसले में धोखा खाये यस बैंक के इन्वेस्टर्स ने फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मसले में हाई कोर्ट 26 अप्रैल, 2021 अपना फैसला सुनाएगी।

SEBI की माने तो बैंक ने दिया है इन्वेस्टर्स को धोखा

आपको बता दें कि मार्च 2020 में मोरेटोरियम पर रखे जाने के बाद यस बैंक ने बेलआउट पैकेज के तौर पर 8415 करोड़ रुपये की क़ीमत का एडिशनल टियर बॉन्ड राइट-ऑफ कर दिया था। कोर्ट में दाखिल पेटिशन में बॉन्डहोल्डर्स ने कहा है कि बांड खरीदने वाले आधे से ज़्यादा इन्वेस्टर्स ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई इसे खरीदने में लगा दी थी। अब इस के डूब जाने से उनकी सारी जमा पूंजी इस के साथ डूब गई है ।

पिटीशनर्स का आरोप है कि यस बैंक के रिप्रजेंटेटिव्स ने उनसे झूठ बोलकर बॉन्ड उन्हें बेचा था और यह नहीं बताया था कि फाइनेंशियल क्राइसिस में इसमें लगाया गया सारा पैसा डूब जाएगा। जानकारों की माने तो इस बांड में 1 से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक लगा दिया था।

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