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जानिए क्यों रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने किया इस बैंक का licence रद्द

मुंबई : आरबीआई ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि उसने इंसाफिशिएंट कैपिटल के कारण महाराष्ट्र के भाग्योदय फ्रेंड्स अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का licence रद्द कर दिया है। इसी के साथ साथ आरबीआई ने सभी को-ऑपरेटिव से कहा कि वह बैंक को बंद करने के लिए एक आदेश जारी करें।

अब यह बैंक अपने डिपॉजिटर को चुका पाने के काबिल नहीं है, इसी लिए आरबीआई ने इसे बंद करने फैसला लिया है। असल में मामला यह है की फ्रॉड का शिकार बनने से इस बैंक की नेटवर्थ आरबीआई द्वारा तय लिमिट से भी काम हो चुकी है। हाल के दिनों की बात करें तो इस की फिनांशियल कंडीशंस बद से बदतर हो गई हैं।

जानकारों की माने तो असल में इस बैंक की बर्बादी की की वजह इसके डायरेक्टर और सीईओ रहे दीपक किडो हैं। इन्हीं को बैंक में हुए इस फ्रॉड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।आप की जानकारी के लिए बता दें दीपक किडो को चेन्‍नई पुलिस के फिनांशल क्राइम विंग ने गिरफ्तार भी कर लिया है। दरअसल, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के नियमों के तहत, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के लिए टियर-1 और टियर-2 के तौर पर एक डेफनिट कैपिटल बनाए रखना ज़रूरी होता है, और यह अमाउंट उनके कुल जोखिम का कम से कम 15% होना चाहिए।

इसका भी licence जल्द हो सकता है रद्द

भाग्योदय अलावा घोटाले के आरोपों से घिरे माइक्रो फाइनेंस कंपनी संबंध फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड पर भी लाइसेंस कैंसिल होने का खतरा मंडरा रहा है। खबर है भाग्योदय बैंक के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने संबंध फिनसर्व का लाइसेंस रद्द करने से पहले माइक्रो फाइनेंस कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि कंपनी के नेटवर्थ में इतनी बड़ी गिरावट आने के बाद क्यों न उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए।

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