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जानिए क्यों ये देश लाने जा रहा है दस लाख का नोट

कराकास: यह खबर है वेनेजुएला कि जहाँ हाइपरइंफ्लेशन ने देश का बैंड बजा कर रख दिया हैं। जिसकी वजह से नागरिकों को रोजमर्रा के लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर की ओर रुख करना पड़ा था। वेनेज़ुएला के सेंट्रल बैंक ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान पोस्ट किया जिसमें कहा गया है कि देश की ख़राब अर्थव्यवस्था की वजह से ऐसा करना पड़ रहा है।

हाल ही में जारी किया गया 1,000,000 का यह नोट वेनेज़ुएला के इतिहास का सबसे बड़ा नोट होगा। तब भी बदकिस्मती से इतना बड़ा होने के बाद भी इस की इंटरनेशनल कीमत सिर्फ 0.53 अमेरिकी सेंट के बराबर ही है।

क्या होता है हाइपरइन्फ्लेशन

जानकारों के अनुसार जब महंगाई दर 5% प्रतिमाह से ज़्यादा तेज़ी से बढ़ने लगती है तब महंगाई को हाइपरइंफ्लेशन कहा जाता है।

वेनेज़ुएला का कहना है की अमेरिका है महंगाई के लिए ज़िम्मेदार

इकोएनालिटिका की माने तो अमेरिकी सैंक्शंस की वजह से देश भर में लगभग 66% लेनदेन डॉलर में किये गये जिस की वजह से वेनेज़ुएलियन करेंसी की कीमत दिन बा दिन लुढ़कती चली गयी।

2022 से पहले पूरी इकॉनमी डिजिटल करने की है तैयारी

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि इसी वजह से उन की योजना 2021 के खत्म होने से पहले पूरी अर्थ्यव्यवस्था को डिजिटल करने की है। आप को बताते चलें वेनेज़ुएला पिछले तीन सालों से हाइपरफ्लान से जूझ रहा है जिसकी वजह से देश बड़े नोट जारी करता है, जो जल्दी ही बेकार भी हो जाते हैं। ब्लूमबर्ग न्यूज के कैफ़े कॉन इंडेक्स के अनुसार अकेले  पिछले 12 महीनों में महंगाई 3,000% बढ़ी है ।

पिछले अक्टूबर में  वेनेजुएला ने 100,000 का नोट जारी किया था जो अब बेकार हो चुका है ।

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