कोहली ने दिया वनडे में खिलाडी मयंक अग्रवाल को खेलने का मौका

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कप्तान विराट कोहली ने लिया बड़ा फैसला. जिसमे वे एक नए खिलाडी को ला रहे है. ऐसा अब से २७ साल पहले हुआ था. 27 साल बाद कोई भारतीय क्रिकेटर वर्ल्ड कप से डेब्यू करेगा. वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल से पहले श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में अगर मयंक अग्रवाल को मौका मिलता हैं तो वह वर्ल्ड कप में वनडे करियर का आगाज करने वाले भारत के 7वें खिलाड़ी होंगे.

विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम इंडिया आईसीसी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहले ही अपनी सीट बुक कर चुकी है. हालांकि भारतीय टीम को अपना अंतिम लीग मैच आज शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ खेलना है. कप्तान कोहली के पास बेहतरीन मौका है कि वो बड़े मुकाबले से पहले इस मुकाबले के लिए बेंच पर बैठे कुछ खिलाड़ियों को इस मैच के जरिए आजमा सकें. अगर बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को अंतिम एकादश में शामिल किया जाता है तो उनके पास 32 साल पुराने नवजोत सिंह सिद्धू के रिकॉर्ड को तोड़ने का शानदार मौका होगा.

वर्ल्ड कप के बीच में ही ऑलराउंडर विजय शंकर के चोटिल होने पर उनकी जगह वरिष्ठ खिलाड़ियों को दरकिनार करते हुए मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया गया. कहा जा रहा है कि कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के दबाव के कारण ही मयंक को टीम में रखा गया. अपनी इसी अनदेखी से नाराज क्रिकेटर अंबाती रायडू ने अचानक संन्यास लेने का फैसला ले लिया. खास बात यह है कि मयंक के पास एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच (ODI) खेलने का कोई अनुभव नहीं है, यानी कि उन्हें वनडे में अभी अपने करियर की शुरुआत करनी है. वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल से पहले श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में कोहली अगर मयंक को मौका देते हैं तो वह वर्ल्ड कप में वनडे करियर का आगाज करने वाले भारत के 7वें खिलाड़ी होंगे. साथ ही 27 साल बाद कोई भारतीय क्रिकेटर वर्ल्ड कप से डेब्यू करेगा.हालांकि वर्ल्ड कप से करियर का आगाज करने वाले भारतीय क्रिकेटरों की शुरुआत शानदार नहीं रही है. अब तक के 6 खिलाड़ियों में महज नवजोत सिंह सिद्धू ही शानदार प्रदर्शन कर सके हैं. 1987-88 के वर्ल्ड कप में बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू को वनडे करियर आगाज करने का मौका मिला जिसे उन्होंने जमकर भुनाया भी. नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने पहले ही वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए 79 गेंदों में 73 रनों की पारी खेली थी. सिद्धू ने इस लाजवाब पारी में 4 चौके के अलावा 5 छक्के भी लगाए थे जो उस समय के लिहाज करिश्माई पारी थी. इसके बावजूद भी भारत यह मैच 1 विकेट से हार गया था. वर्ल्ड कप के जरिए अपने वनडे करियर के पहले मैच में किसी भारतीय का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. सिद्धू के बाद अजय जडेजा ही एकमात्र ऐसे भारतीय हैं जिन्हें वर्ल्ड कप से वनडे करियर शुरू करने का मौका मिला.

इसके बाद अगले वर्ल्ड कप (1991-92) में ऑलराउंडर अजय जडेजा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया. श्रीलंका के खिलाफ मैच में शामिल तो किए गए, लेकिन उन्हें मैदान में उतरने का मौका नहीं मिला क्योंकि बारिश से यह मैच धुल गया था. टॉस के बाद लगातार हो रही बारिश से यह मैच नहीं हो सका. लेकिन इसी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में अपने तीसरे वनडे मैच में जडेजा ने 46 रनों की शानदार पारी खेली थी जिसकी बदौलत भारत यह मैच जीतने में कामयाब रहा. वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की ओर से पाकिस्तान को हराने का सिलसिला इसी मैच से शुरू हुआ जो आज भी जारी है.

1975 में 3 भारतीय खिलाड़ियों ने किया डेब्यू पहले वर्ल्ड कप (1975) में ही भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खिलाड़ियों के वनडे करियर की शुरुआत हो गई थी. 7 जून को इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 3 खिलाड़ियों को टीम इंडिया के लिए एक साथ वनडे करियर शुरू करने का मौका मिला था. अंशुमान गायकवाड़, मोहिंदर अमरनाथ और करसन घावरी ने इस मैच से अपने वनडे करियर का आगाज किया. हालांकि इन तीनों क्रिकेटरों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और टीम यह मैच इंग्लैंड के हाथों 202 रन से हार गई.

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