सुर्खियों में छाया Koo App, 3 दिन में 1 लाख से ज्यादा लोगों ने बनाया अकाउंट

भारत सरकार और ट्विटर के बीच का विवाद सार्वजनिक हो गया है। दोनों के बीच कू एप को लेकर विवाद हो रहा है।

नई दिल्ली: इन दिनों कू एप (Koo App) काफी ज्यादा सुर्खियों में छाया हुआ है। इस एप को लेकर विवाद भी हो रहा है साथ में इसकी सिक्योरिटी को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। दरअसल भारत सरकार और ट्विटर के बीच का विवाद सार्वजनिक हो गया है। दोनों के बीच कू एप को लेकर विवाद हो रहा है। कहा जा रहा है कि कू एप के यूजर बढ़ते जा रहे हैं। पिछले दो से तीन दिनों में हर रोज एक लाख से अधिक नए लोग कू ऐप (Koo App) को डाउनलोड कर रहे हैं।

Koo App

पिछले दिनों व्हाट्सएप की प्राइवेसी को लेकर उठे सवाल के बाद से लोग इसका दूसरा विकल्प ढूंढ रहे हैं। इसके बाद से ही ज्यादा लोग कू एप पर नजर आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और रविशंकर प्रसाद ने भी कू एप पर अपना अकाउंट बना लिया है। कू ने आत्मनिर्भर भारत एप्लीकेशन चैलेंज में भी हिस्सा लिया था। Koo App की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में भी कर चुके हैं।

बता दें कि Koo एक माइक्रोब्लॉगिंग साइट है जिसे ट्विटर की टक्कर में पेश किया गया है। मतलब की Koo एक मेड इन इंडिया ट्विटर है। यह हिंदी, अंग्रेजी समेत आठ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। Koo को एप और वेबसाइट दोनों तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका भी इंटरफेस ट्विटर जैसा ही है। इसमें शब्दों की सीमा 350 है।

Koo ऐप के को-फाउंडर में से एक ए. राधाकृष्णा के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कई गुना लोग इस ऐप से जुड़े हैं। यही कारण है कि हाल ही के वक्त में ऐप लोड नहीं ले पाया है और कुछ बार डाउन भी हुआ है। लेकिन उनकी कोशिश है कि लगातार सुधार किया जाए, ताकि अधिक लोड लिया जा सके।

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को-फाउंडर का कहना है कि उनका फोकस ये है कि सिर्फ भारतीय सर्वर का ही इस्तेमाल किया जाए। आपको बता दें कि भारत सरकार और ट्विटर के बीच लगातार तकरार हो रही है, ऐसे में लोग इस ओर शिफ्ट हो रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में इस ऐप की तारीफ कर चुके हैं।

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