अधूरी रह गई एक इच्छा, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य देखना चाहते थे लालजी टंडन

लखनऊ: कई दशक से उत्तर प्रदेश के साथ देश की राजनीतिक पर अपनी छाप छोडऩे वाले मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी। वह जीवन के अंतिम समय में अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन करना चाहते थे।मध्य प्रदेश के राज्यपाल व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन की अयोध्या में रामलला के दर्शन करने की इच्छा अधूरी ही रह गई। भोपाल से दस जून को लखनऊ पहुंचे लालजी टंडन की इच्छा थी कि वह अयोध्या जा कर रामलला के दर्शन करेंगे। इसके लिए उन्होंने अपने निजी सचिव संजय चैधरी से कार्यक्रम बनाने को भी कहा था। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई और वह 11 जून से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती हो गए। उनको सांस लेने में परेशानी के साथ बुखार तथा पेशाब की दिक्कत के कारण के चलते भर्ती कराया गया था।

लालजी टंडन के साथ कई वर्ष से निजी सचिव रहे संजय चैधरी के मुताबिक टंडन जी का हल्का स्वास्थ्य तो भोपाल से ही गड़बड़ था लेकिन वह लखनऊ आने के लिए बहुत ही बेकरार थे। भोपाल से लखनऊ आते समय हवाई जहाज में ही उन्होंने संजय से उनका आगे का कार्यक्रम तैयार करने को कहा था।

लाल जी टंडन ने कहा था वह भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बगल में नौ नंबर की कोठी में तीन दिन प्रवास करेंगे। इसी दौरान दो-तीन दिन के बाद ही अयोध्या जाने का कार्यक्रम भी बना ले। उन्होंने कहा था कि अब जब मंदिर बन रहा है तो उससे पहले एक बार रामलला के दर्शन कर ले और यह भी देख ले कि राम मंदिर के लिए क्या तैयारियां चल रही है।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन (85 वर्ष) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वह मेदांता अस्पताल, लखनऊ में 11 जून से भर्ती थे। उन्होंने सुबह 5:35 बजे अंतिम सांस ली। उनके पुत्र नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने ट्वीट से जानकारी दी। सोमवार को उनकी हालत नाजुक बताई जा रही थी। इसको लेकर सोमवार को मेदांता अस्पताल की तरफ से मेडिकल बुलेटिन भी जारी किया गया था, जिसमें उनकी हालत नाजुक होने की बात कही गई थी।

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