एमएस धोनी के जन्मदिन पर जानिए, सोशल मीडिया पर उनकी खामोशी का राज

नई दिल्ली. 7 जुलाई…एक ऐसा दिन जो भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए बेहद ही खास है. इस दिन हिंदुस्तान को एक ऐसा खिलाड़ी मिला था जिसने बल्ले से, कप्तानी से और अपने व्यक्तित्व से पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना दिया. बात हो रही है एमएस धोनी (MS Dhoni) की, जिनका जन्मदिन सोशल मीडिया पर एक त्योहार की तरह मनाया जाता है. लेकिन धोनी सोशल मीडिया पर खामोश रहते हैं. वो विराट कोहली, रोहित शर्मा या दूसरे स्टार खिलाड़ियों की तरह अपनी भावनाएं सोशल मीडिया पर प्रकट नहीं करते.  आज के आधुनिक दौर में एक ऐसा सुपरस्टार जिसके फॉलॉअर्स की संख्या हर रोज़ हज़ारों में बढ़ती रहती है वो आखिर ऐसी चुप्पी कैसे साधे रखता है?

सोशल मीडिया पर धोनी की चुप्पी
फेसबुक पर इस साल के 6 महीने में धोनी (MS Dhoni) के 10 पोस्ट हैं जिनमें से 7 विज्ञापन हैं और तीन निजी पोस्ट हैं. एक पोस्ट में बेटी ज़ीवा की तस्वीर है तो दूसरे में अपने साथियों के साथ खेलते हुए एक वीडियो, और तीसरा वीडियो रांची में ऑर्गेनिक फार्मिंग को लेकर है. इसके बाद इंस्टाग्राम पर अगर उनके पोस्ट पर गौर किया जाए तो अजीब सा आंकड़ा आपको देखने को मिलेगा. जबसे धोनी इंस्टाग्राम पर आये हैं उन्होंने अब तक इस प्लेटफॉर्म पर कुल 106 पोस्ट ही किए हैं. लॉकडाउन के दौरान जहां हर सेलेब्रेटी ने लगभग सौ से ज़्यादा पोस्ट किये और दुनिया के हर मुद्दे पर पोस्ट किये! सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस प्लेटफॉर्म पर अपनी पत्नी और बेटी के अलावा सिर्फ अमिताभ बच्चन को ही धोनी फॉलो करते हैं और किसी को भी नहीं!

ट्विटर के किंग, फिर भी खामोश

ट्विटर पर भी माही (MS Dhoni) का कमोबेश यही हाल है. 6 महीने में सिर्फ 3 ट्वीट!  खेल जगत से विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर के बाद  माही के पास ऊपर के तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे ज़्यादा फॉलोअर्स हैं, और तीसरे नंबर पर धोनी तब है जब वो इस कदर चुप्पी बनाए हुए हैं. वो तेंदुलकर की तरह ना तो गुरु पूर्णिमा की बधाई देतें हैं और ना ही साथी खिलाड़ियों को जन्म-दिन पर सार्वजिनक तौर पर शुभकामनायें भेजते हैं. ना ही कोहली की ही तरह वो हैप्पी डॉक्टर्स डे पर कुछ लिखतें हैं ना ही थ्रोबैक टाइप वाले कोई पोस्ट करतें हैं, और तो और अपने जीवन पर बनी फिल्म में किरदार निभाने वाले सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर भी वो सार्वजिनक तौर पर संवेदना प्रकट नहीं करते हैं.

धोनी की सोशल मीडिया पर चुप्पी का राज
आखिर धोनी (MS Dhoni) ऐसे कैसे हो सकते हैं? इन सबका का एक ही जवाब है- सिर्फ धोनी ही ऐसा हो सकते हैं। अपने सुपरस्टार होने की बात को धोनी इतने हल्के तरीके से लेते हैं कि अगर कोई उन्हें ना जानता हो तो उसे धोनी से मिलने पर इस बात पर यकीन करना मुश्किल हो जायेगा कि वो इस मुल्क के सबसे चर्चित चेहरों में से एक है. धोनी ने एक बार अपने करियर के शुरुआती दौर में मुझसे कहा था कि उन्हें इंटरव्यू देना पसंद नहीं है. बाद में जब वो कप्तान बने तो कई मौकों पर उन्होंने ये दोहराया कि बेवजह भारतीय कप्तान को प्रेस कांफ्रेस के चलते ओवर एक्सपोज़र मिलता है.

मुझे कई बार ऐसा लगता था कि वो शायद दूरी बनाए रखने के लिए ऐसी बातें कहते हैं। लेकिन, अब जब वो रिटायरमेंट के बेहद करीब पहुंच चुके हैं उनके सोशल मीडिया पोस्ट को देखकर यही लगता है कि वाकई में माही को सुर्खियां पसंद नहीं है. अपने पूरे करियर के दौरान धोनी ने इस बात पर जोर दिया है कि खिलाड़ी विशेष नहीं बल्कि हमेशा टीम अहम होती है. राहुल द्रविड़ की ही तरह उन्होंने इस दर्शन की ना सिर्फ वकालत की है बल्कि जिया है.

सैम वॉकर ने अपनी मशहूर किताब  “द कैप्टन क्लास” दुनिया की सर्वकालीन महानतम टीमों की कामयाबी के पीछे उसकी एक ख़ास ताकत को ढूंढने के लिए ज़बरदस्त रिसर्च की है. इसमें क्रिकेट का कोई कप्तान नहीं है क्योंकि अमेरिकी लेखक ने क्रिकेट पर उतना वक्त नहीं दिया है. लेकिन, उनके मुताबिक जो 7 बातें सबसे उम्दा कप्तानों में कॉमन होती है उसका जिक्र किया है. 7 जुलाई को जन्मे भारत के पूर्व कप्तान में वो सातों बातें आपको साफ-साफ दिखाई देती हैं.

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