देश के पहले प्रधानमंत्री Pandit Jawaharlal Nehru की 57वीं पुण्योतिथि पर जानें उनके जीवन की रोचक बातें

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 57वीं पुण्यतिथि पर राहुल गांधी समेत तमाम दिग्गजों ने उन्हें याद कर नमन किया है

नई दिल्ली: भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) की 57वीं पुण्यतिथि पर देश उनको नमन कर रहा है। आज ही के दिन यानी 27 मई 1964 को जवाहर लाल नेहरू ने अंतिम सांस ली थी। इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत (Rahul Gandhi) तमाम दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उनके विवेकपूर्ण शब्दों को याद करते हुए राहुल गांधी ने अपने ट्वीट पर पंडित जवाहरलाल नेहरू की फोटो साझा करके हुए  लिखा कि, बुराई अनियंत्रित होती है, अगर आप  अगर आप इसे सहन करते हो तो ये पूरे सिस्टम को जहरीला कर देती है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उन्हें याद करते हुए ट्वीट कर लिखा कि, भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।

जानें कैसे बने प्रधानमंत्री

पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। महात्मा गांधी के संरक्षण में, वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सर्वोच्च नेता के रूप में उभरे। बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते हैं। सन् 1947 में भारत को आजादी मिलने पर जब भावी प्रधानमंत्री के लिये कांग्रेस में मतदान हुआ तो सरदार पटेल को सर्वाधिक मत मिले। उसके बाद सर्वाधिक मत आचार्य कृपलानी को मिले थे। किन्तु गांधीजी के कहने पर सरदार पटेल और आचार्य कृपलानी ने अपना नाम वापस ले लिया और जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया।

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कैम्ब्रिज (लंदन) में शिक्षा

जवाहरलाल नेहरू ने दुनिया के कुछ बेहतरीन स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हैरो से और कॉलेज की शिक्षा ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज (लंदन) से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी लॉ की डिग्री कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पूरी की। इंग्लैंड में उन्होंने सात साल व्यतीत किए जिसमें वहां के फैबियन समाजवाद और आयरिश राष्ट्रवाद के लिए एक तर्कसंगत दृष्टिकोण विकसित किया।जवाहरलाल नेहरू 1912 में भारत लौटे और वकालत शुरू की।

 

1916 में उनकी शादी कमला नेहरू से हुई। 1917 में जवाहर लाल नेहरू होम रुल लीग‎ में शामिल हो गए। राजनीति में उनकी असली दीक्षा दो साल बाद 1919 में हुई जब वे महात्मा गांधी के संपर्क में आए। उस समय महात्मा गांधी ने रॉलेट अधिनियम के खिलाफ एक अभियान शुरू किया था। नेहरू, महात्मा गांधी के सक्रिय लेकिन शांतिपूर्ण, सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रति खासे आकर्षित हुए।

खादी कुर्ता और गांधी टोपी

नेहरू ने महात्मा गांधी के उपदेशों के अनुसार अपने परिवार को भी ढाल लिया। जवाहरलाल और मोतीलाल नेहरू ने पश्चिमी कपड़ों और महंगी संपत्ति का त्याग कर दिया। वे अब एक खादी कुर्ता और गांधी टोपी पहनने लगे। जवाहर लाल नेहरू ने 1920-1922 में असहयोग आंदोलन में सक्रिय हिस्सा लिया और इस दौरान पहली बार गिरफ्तार किए गए। कुछ महीनों के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

कृषि और उद्योग का एक नया युग

1947 में वे स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। अंग्रेजों ने करीब 500 देशी रजवाड़ों को एक साथ स्वतंत्र किया था और उस समय सबसे बडी चुनौती थी उन्हें एक झंडे के नीचे लाना। उन्होंने भारत के पुनर्गठन के रास्ते में उभरी हर चुनौती का समझदारी पूर्वक सामना किया। जवाहरलाल नेहरू ने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा निभाई । उन्होंने योजना आयोग का गठन किया, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को प्रोत्साहित किया और तीन लगातार पंचवर्षीय योजनाओं का शुभारंभ किया। उनकी नीतियों के कारण देश में कृषि और उद्योग का एक नया युग शुरु हुआ। नेहरू ने भारत की विदेश नीति के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभायी।

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