जानें आखिर क्यों हुई दुनिया भर के 274 पत्रकारों को जेल 

उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक तनाव इन गिरफ्तारियों के कारण हैं और दुनिया में पत्रकारों को जेल भेजने वालों में चीन, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब सबसे ऊपर हैं।

मॉस्को: विश्व में इस वर्ष सरकारी विरोधी प्रदर्शनों और कोरोना वायरस (कोविड ​​-19) महामारी के प्रतिबंधों के कारण रिकार्ड संख्या में पत्रकारों को जेल हुई है।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निगरानी संगठन ने मंगलवार को बताया कि एक दिसंबर तक कम से कम 274 पत्रकारों को जेल हुई है जो 1990 के दशक की शुरुआत में कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट (सीपीजे) द्वारा एकत्र किए गए आंकडों के बाद सबसे अधिक संख्या है। यह लगातार पांचवा वर्ष है जब कम से कम 250 पत्रकारों को जेल हुई।

कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट (सीपीजे) के कार्यकारी निदेशक जोएल साइमन ने कहा कि यह चौंकाने वाला और भयावह है कि हम वैश्विक महामारी के बीच इतनी बड़ी संख्या में पत्रकारों को जेल में देख रहे हैं। साइमन ने कहा कि यह दमनकारी लहर है जो जानकारी के प्रवाह को बाधित कर रही है।

उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक तनाव इन गिरफ्तारियों के कारण हैं और दुनिया में पत्रकारों को जेल भेजने वालों में चीन, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब सबसे ऊपर हैं। उन्होंने कहा कि सीपीजे ने प्रेस स्वतंत्रता अभियान शुरू किया, जिसमें दुनिया के नेताओं से जेल में बंद पत्रकारों को रिहा करने का आह्वान किया गया। सीपीजे ने दुनिया भर में जेल में बंद कम से कम 75 पत्रकारों की जल्द रिहाई में योगदान दिया है।

यह भी पढ़े: 

Related Articles