ज्वालामुखी का लावा समुद्र में पहुंचने पर जारी हुई ‘लेज’ चेतावनी

होनूलूलू। दो सप्ताह पहले किलाउआ ज्वालामुखी स्फोट से निकला लावा समुद्र तक पहुंच गया है, जिसकी वजह से प्रशासन ने ‘लेज’ (समुद्र में लावा पहुंचना) चेतावनी जारी कर दी है। इससे फेफड़ों पर प्रभाव पड़ सकता है, आंखों और त्वचा में जलन हो सकती है। अमेरिकी तटरक्षक ने रविवार को ज्वालामुखी के चारों ओर नौवहन लायक पानी के लिए लावा प्रवेश सुरक्षा क्षेत्र तैयार करने पर जोर दिया।

तटरक्षक की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुरक्षा क्षेत्र लावा के प्रवेश बिंदु के चारों ओर लगभग 300 मीटर के दायरे में फैला हुआ है। हवाई के वोल्केनो ऑब्जर्वेटरी (एचवीओ) ने कहा, “इस गर्म, संक्षारक गैस मिश्रण के साल 2000 में तटीय प्रवेश बिंदु तक पहुंचने के फौरन बाद दो लोगों की मौत हो गई थी। हाल ही में और सक्रिय लावा समुद्री जल में बह गया।”

सीएनएन के मुताबिक, लेफ्टिनेंट कमांडर जॉन बैनन ने कहा कि लावा के बेहद करीब जाने के परिणाम गंभीर हो सकते हैं या मौत भी हो सकती है।एचवीओ ने कहा कि शनिवार देर शाम लावा हाईवे 137 पार कर प्रशांत महासागर में प्रवेश कर गया। यह भी कहा गया है कि पानी में लावा के मिलने से सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन तीन गुना बढ़ गया है।

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