क्रिकेटर युवराज सिंह इस कारण नहीं मनायेंगे अपना 39वां जन्मदिन, जानें क्यों बोले थैंक्यू 4

युवराज सिंह किसान आंदोलन के सहयोग में नहीं मनायेंगे अपना 39वां जन्मदिन, बोले ‘मैं इस महान देश का बेटा हूं’

नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी युवराज सिंह का आज 39वां जन्मदिन है। युवराज को सब प्यार से युवी कहकर बुलाते है। इस महान खिलाड़ी ने कोरोना नहीं बल्कि ‘किसान आंदोलन’ के सहयोग में अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है।

 

युवराज ने किया किसानों का समर्थन

युवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘इस साल, मैं अपना जन्मदिन मनाने के बजाये, हमारे किसानों और सरकार के बीच चल रही बातचीत में जल्द समाधान के  लिए प्रार्थना कर रहा हूं। हमारे किसान हमारे राष्ट्र की जीवन रेखा हैं। मेरा मानना है कि ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसे शांतिपूर्ण बातचीत से हल नहीं किया जा सकता है।

मैं इस महान देश का बेटा हूं और मेरे लिए इससे ज्यादा गर्व की कोई बात नहीं है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे पिता श्री योगराज सिंह द्वारा की गई टिप्पणी एक व्यक्तिगत क्षमता में की गई है। मेरी विचारधारा किसी भी तरीके से उनकी सोच से सहमत नहीं है।

मैं सभी से आग्रह करता हूं कि कोविड-19 के खिलाफ सावधानी बरतना बंद न करें। महामारी खत्म नहीं हुई और हमें पूरी तरह से वायरस को हराने के लिए सावधान रहने की जरूरत है।

जय जवान, जय किसान, जय हिंद’

क्या बोले थे पिता योगराज?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि करीब एक हफ्ते पहले किसान आंदोलन के समर्थन में पहुंचे पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने पंजाबी में दिए गए एक भाषण के दौरान उन्होंने हिंदुओं के लिए ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग किया था। उन्होंने कहा था ‘ये हिंदू गद्दार हैं, सौ साल मुगलों की गुलामी की’ योगराज सिंह का ये भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग उनकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

युवराज का व्यक्तिगत जीवन

भारतीय टीम के बाएं हाथ के बल्लेबाज युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में सिख परिवार में हुआ था। 30 नवंबर 2016 को युवी ने ‘हेजल कीच’ से शादी कर ली थी। युवराज सिंह ने 10 जून 2019 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।

 

मैन ऑफ द टूर्नामेंट

युवराज सिंह भारत के क्रिकेट खिलाड़ी हैं। उन्होंने 20-20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर की 6 गेंदों में 6 छक्के मार कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके साथ ही 20-20 में 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम है। युवराज सिंह को 2011 क्रिकेट विश्व कप में अहम भूमिका निभाने में ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब, पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली डेयरडेविल्स और सनराइजर्स हैदराबाद से खेल चुके हैं।

कैंसर की जंग में फतह

साल 2011 में भारत को वर्ल्ड कप दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह (युवी) के बाएं फेफड़े में कैंसर था। जिसके बाद युवराज को अमेरिका में कीमोथेरेपी के लिए ले जाया गया। युवराज ने अपने हिम्मत और हौसले के साथ  हंसते-हंसते कैंसर की ये जंग भी जीत ली।

युवराज का थैंक्यू 4

युवराज सिंह ने कहा, ‘ क्रिकेट में 25yrs के बाद Ive ने आगे बढ़ने का फैसला किया। क्रिकेट ने मुझे हर मौका दिया है। इस यात्रा का एक हिस्सा था। थैंक्यू 4 इस खेल ने मुझे सिखाया कि कैसे लड़ना है, कैसे गिरना है, धूल उड़ाना है, फिर से आगे बढ़ना है। यह एक प्यारी यात्रा रही है। दूसरे किनारे पर मिलते हैं’।

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