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आइये डालते हैं Bjp के चार दशक के इस सियासी सफर पर एक नज़र

ग्वालियर : इकतालीस साल पहले बनी एक छोटी सी पार्टी जिसे अपने पहले लोकसभा इलेक्शन में महज़ दो सीट ही मिलीं थी वह आज अट्ठारा करोड़ मेंबर्स के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी बन चुकी है। हम बात कर रहे हैं भारतीय जनता पार्टी (Bjp) की जो पार्लियामेंट के साथ-साथ देश के सत्रह राज्यों में सत्ता में है।

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1984 में महज़ दो सीटों (7.74 वोट %) से अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत करने वाली बीजेपी आज पार्लियामेंट की 303 सीटों (37.76  वोट  %) की हाकिम है। पार्टी की इस सफलता का राज़ बेहद मजबूत लीडरशिप और मेंबर्स का अनुशासन है।

सियासत की मंझी खिलाड़ी है Bjp

BJP के सियासी सफर पर नजर डालें तो इसने अपने वैचारिक विरोधी लेफ्ट दलों से भी हाथ मिलाया है। 1989 में कांग्रेस को रोकने के लिए जनता दल का साथ दिया।जिसके बाद 1996 चुनाव में पार्टी सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी।और इसी के साथ साथ 1996 में बीजेपी को पहली बार सरकार बनाने का मौका मिला। 1998 में बीजेपी की अगुवाई में NDA का गठन हुआ था । आपकी जानकारी के लिए बताते चलें की बीजेपी के अटल बिहारी वाजपेयी 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी PM बने थे। गैर हिंदी राज्यों की बात करें तो  बीजेपी ओडिशा में बीजू जनता दल और आंध्र प्रदेश में तेलगु देशम पार्टी के साथ सरकार बना चुकी है। राजनितिक दांव पेंच में माहिर बीजेपी जम्मू कश्मीर में अपनी धुर विरोधी रही मेहबूबा के साथ भी सरकार बना चुकी है।

 

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